West Singhbhum: जिले में कृषि विभाग और जिला प्रशासन की पहल से किसान अब फसल विविधीकरण अपनाकर बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं. सदर चाईबासा प्रखंड के कुन्दुबेड़ा गांव के किसान लक्ष्मी नारायण पुरती ने गरमा मूंग की खेती कर अपनी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है.
धान की खेती में नुकसान के बाद बदली रणनीति
वर्ष 2022 में अत्यधिक बारिश से धान की फसल खराब होने के बाद लक्ष्मी नारायण पुरती ने कृषि विभाग और आत्मा के प्रशिक्षण में भाग लिया. इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत उन्नत बीज लेकर वैज्ञानिक तरीके से गरमा मूंग की खेती शुरू की.
कम लागत में बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफा
करीब 0.4 हेक्टेयर भूमि में गरमा मूंग की खेती से उन्हें 4.96 क्विंटल उत्पादन मिला. इस पर लगभग ₹8,000 की लागत आई, जबकि बिक्री से करीब ₹39,680 का सकल प्रतिफल प्राप्त हुआ. धान की तुलना में उन्हें लगभग ₹24,680 अधिक आय हुई.
अन्य किसानों के लिए बने प्रेरणा
गरमा मूंग कम अवधि, कम पानी और कम लागत वाली दलहनी फसल है, जो मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ाती है. लक्ष्मी नारायण पुरती अब अपने अनुभव अन्य किसानों के साथ साझा कर रहे हैं, जिससे आसपास के किसान भी इस खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं.
प्रशासन का फोकस वैज्ञानिक खेती पर
DC मनीष कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों की आय बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक खेती और फसल विविधीकरण को बढ़ावा दे रहा है. वहीं जिला कृषि पदाधिकारी अमरजीत कुजूर ने बताया कि किसानों को उन्नत बीज, तकनीकी प्रशिक्षण और वैज्ञानिक मार्गदर्शन देकर टिकाऊ एवं लाभकारी खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.
