Bokaro: पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत देशभर में गौ-संवर्धन एवं गौ-संरक्षण को लेकर सोमवार को जिला मुख्यालय बोकारो में जनसैलाब देखने को मिला. भारत के सभी 790 जिलों में एक साथ शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन और प्रार्थना पत्र सौंपा गया. इसी कड़ी में बोकारो जिले में सर्वसमाज ने एकजुट होकर डीसी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम चार सूत्री मुख्य मांगों का ज्ञापन सौंपा. अभियान के प्रतिनिधि छत्रबली पंडित ने बताया कि बोकारो जिले से 5 लाख से अधिक आम नागरिकों के हस्ताक्षर युक्त मांग पत्र डीसी महोदय को सुपुर्द किया गया है. कहा कि यह आंदोलन किसी एक दल, संगठन (जैसे बजरंग दल, विहिप या आरएसएस) विशेष का नहीं है, बल्कि भारत के साधु-संतों के मार्गदर्शन में संपूर्ण सनातन, भारतीय एवं मानव समाज का स्वतः स्फूर्त अभियान है. उन्होंने कहा कि गाय किसी दल या जाति विशेष की नहीं है. गाय सबको दूध देती है. गाय बचेगी तो हमारी संस्कृति सुरक्षित रहेगी. हमारा स्वास्थ्य ठीक रहेगा और हमारी फसलें व कृषि समृद्ध होगी.
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4 प्रमुख मांगें
देश स्तर पर कठोर कानून बनाकर गौ-हत्या पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए. गौ-माता को आधिकारिक रूप से ‘राष्ट्रमाता’ घोषित किया जाए. गायों के संरक्षण, संवर्धन और देख-रेख के लिए पृथक गौ मंत्रालय का गठन हो तथा अवैध कब्जों के अधीन सभी गोचर (चरवाही) भूमियों को तत्काल खाली कराया जाए.
