रांची: ‘ट्रेजरी घोटाले में अफसरों को बचाने का आरोप, सरकार कर रही लीपापोती’- प्रतुल शाहदेव

Ranchi: BJP के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड सरकार पर राज्य के कथित ट्रेजरी घोटाले में अपने चहेते अधिकारियों को...

RANCHI
प्रतुल शाहदेव

Ranchi: BJP के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड सरकार पर राज्य के कथित ट्रेजरी घोटाले में अपने चहेते अधिकारियों को नियमों के विपरीत बचाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि राज्य के वित्त मंत्री स्वयं स्वीकार कर चुके हैं कि पिछले कुछ वर्षों के करीब ₹10,000 करोड़ के सरकारी धन का हिसाब नहीं मिल रहा है. इसके बावजूद जांच एजेंसियां बड़े अधिकारियों को बचाने का काम कर रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि SIT के गठन में भी ऐसे अधिकारियों को शामिल किया गया, जिनके कार्यकाल के दौरान संबंधित जिलों में ट्रेजरी घोटाले सामने आए थे.

ट्रेजरी अफसरों की जिम्मेदारी तय, फिर भी दी गई क्लीनचिट

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि झारखंड वित्त नियमावली और झारखंड कोषागार संहिता, 2016 में DDO और ट्रेजरी अधिकारियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित हैं. सरकारी धन की निकासी से पहले बिल, दस्तावेज और हस्ताक्षरों की जांच करना उनकी जिम्मेदारी है. इसके बावजूद CID ने चार्जशीट में DDO और ट्रेजरी अधिकारियों को क्लीनचिट दे दी और उनका नाम तक शामिल नहीं किया. उन्होंने दावा किया कि चाईबासा ट्रेजरी घोटाले में भी केवल निचले स्तर के कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया, जबकि बड़े अधिकारियों को बचाया गया. उन्होंने यह भी कहा कि चारा घोटाले में अदालतों ने ट्रेजरी अधिकारियों की भूमिका को दोषी माना था.

CID बन गई है सरकार की एजेंसी ऑफ चॉइस

BJP नेता ने आरोप लगाया कि झारखंड में जिन मामलों को दबाना होता है, उनकी जांच CID को सौंप दी जाती है. उनके अनुसार, CID राज्य सरकार की “एजेंसी ऑफ चॉइस” बन गई है, जो बड़े घोटालों की लीपापोती का काम कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल छोटी मछलियों पर कार्रवाई कर बड़े अधिकारियों को बचाने की कोशिश की है.

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PAG को अब तक नहीं दिए गए जरूरी दस्तावेज

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि राज्य सरकार ने स्पेशल ऑडिट के लिए प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल PAG से अनुरोध किया था. इसके बाद 11 मई 2026 को PAG ने गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव को 87 प्रकार के दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा, लेकिन ढाई महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सरकार ने दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए. उन्होंने यह भी कहा कि उत्पाद सचिव की अध्यक्षता में गठित SIT ने भी अब तक अपनी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है. भाजपा ने आरोप लगाया कि सरकार पूरे मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रही है. प्रेस वार्ता में प्रदेश के सह मीडिया प्रभारी अजय राय भी मौजूद थे.

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