Ranchi: प्रोजेक्ट भवन में मंगलवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण MOU कार्यक्रम के दौरान झारखंड के हेमंत सोरेन ने राज्य में ड्राइविंग लाइसेंस वितरण, सुरक्षा मानकों और प्रशिक्षण व्यवस्था की भी जानकारी ली. मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और संवाद के माध्यम से पलामू, सरायकेला-खरसावां और धनबाद जिलों के उपायुक्तों से सीधे सवाल किए. इस दौरान सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ड्राइविंग लाइसेंस वितरण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाए और हेवी व्हीकल्स (भारी वाहनों) के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जाए.
पलामू DC और DTO से तीखे सवाल, महिलाओं की कम उपस्थिति पर नाराजगी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पलामू के उपायुक्त से उनके जिले में निर्गत किए गए ड्राइविंग लाइसेंस की कुल संख्या के बारे में पूछा. पलामू DC ने जानकारी दी कि जिले में लगभग 1200 ड्राइविंग लाइसेंस निर्गत किए गए हैं, जिनमें से सांकेतिक रूप से 15 लोग कार्यक्रम में मौजूद हैं. इस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत सवाल किया कि इनमें से कितनी महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस निर्गत किए गए हैं? DC ने बताया कि लगभग 30 से 40 फीसदी महिलाओं को लाइसेंस दिए गए हैं.इस पर सीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि महिलाओं को यहां (कार्यक्रम में) बुलाना चाहिए था. इसके बाद मुख्यमंत्री ने भारी वाहनों के लाइसेंस को लेकर DC से पूछा कि हेवी व्हीकल्स के कितने लाइसेंस निर्गत किए गए हैं? साथ ही उन्होंने पूछा कि जिले में DTO कौन हैं? DC ने DTO का नाम प्रमोद कुमार बताया. मुख्यमंत्री ने सीधे DTO से मुखातिब होकर पूछा कि पलामू में ड्राइविंग की ट्रेनिंग कहां कराई जाती है? DTO प्रमोद कुमार ने जवाब दिया कि पलामू में तीन ट्रेनिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि फिलहाल हेवी व्हीकल्स के लिए आवेदन नहीं आ रहे हैं, बल्कि ज्यादातर आवेदन लाइट वेट व्हीकल्स (हल्के वाहनों) के लिए ही आ रहे हैं.
गम्हरिया जैसे औद्योगिक क्षेत्र में ट्रेनिंग का अभाव
पलामू के बाद मुख्यमंत्री ने सरायकेला-खरसावां के DC से बात की. मुख्यमंत्री ने पूछा कि क्या गम्हरिया आपके जिले में है? वहां बड़े वाहनों का भारी परिचालन होता है. ऐसे में बताएं कि जिले में कितने लोगों को हेवी व्हीकल्स का लाइसेंस निर्गत किया गया है?सरायकेला DC ने इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि उनके जिले में कोई अधिकृत ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट नहीं है, जिस कारण लोग मजबूरन जमशेदपुर से ही ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करते हैं. मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था पर चिंता जताते हुए औद्योगिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता पर जोर दिया.
धनबाद DC से बातचीत: महिला चालकों से सीधा संवाद और उनके अनुभव
मुख्यमंत्री ने धनबाद DC से कहा कि आपके यहां काफी हेवी व्हीकल्स का परिचालन होता है, क्योंकि धनबाद में बड़े पैमाने पर माइनिंग एक्टिविटी (खनन गतिविधियां) होती हैं.मुख्यमंत्री ने DC से पूछा कि लाइसेंस के लिए कितने लोग आए हैं और कितनी महिलाओं को लाइसेंस दिया गया है? इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद सृष्टि देवी नामक महिला ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें स्कूटी का लाइसेंस मिल गया है और उन्होंने 18 जुलाई को लाइसेंस के लिए आवेदन किया था. एक अन्य महिला ने भी अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर दोनों का लाइसेंस मिल गया है और लाइसेंस प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया में उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा.

परिवहन विभाग की बड़ी घोषणा
कार्यक्रम के दौरान परिवहन सचिव राजीव रंजन ने राज्य में सड़क सुरक्षा और ड्राइविंग प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी परियोजना की रूपरेखा साझा की. उन्होंने बताया कि जमशेदपुर में बनने वाला अत्याधुनिक ड्राइविंग इंस्टीट्यूट 11.88 एकड़ जमीन पर फैला होगा. परिवहन सचिव ने आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि बीते महीनों में राज्य की 242 पंचायतों में विशेष कैंप लगाकर कुल 17,678 ड्राइविंग लाइसेंस निर्गत किए गए हैं. इसके अलावा, आज यानी मंगलवार को ही 5,806 ड्राइविंग लाइसेंस और 4,200 लर्निंग लाइसेंस निर्गत किए गए हैं. चालकों की सुविधा के लिए एक समर्पित स्टेट पोर्टल का निर्माण भी किया जा रहा है.
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इस प्रोजेक्ट की खासियत
- कुल लागत: इस पूरे प्रोजेक्ट पर 22.30 करोड़ रुपये की लागत आएगी.
- भवन निर्माण: इसके भवन निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है.
- आवासीय सुविधा: इसमें 50 बेड का लड़कों का हॉस्टल और 25 बेड का लड़कियों का हॉस्टल भी शामिल होगा.
- आधुनिक सुविधाएं: संस्थान में स्मार्ट क्लासरूम, विभिन्न प्रकार के ड्राइविंग ट्रैक्स, एक्सीडेंट रिस्पॉन्स ट्रेनिंग और रात में भी प्रशिक्षण देने की अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.
टाटा मोटर्स के प्लांट हेड ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में टाटा मोटर्स के प्लांट हेड अनुराग आचार्य ने भी अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि देश भर में कमर्शियल वाहनों के निर्माण के मामले में टाटा मोटर्स के कुल पांच प्लांट हैं, जिनमें से जमशेदपुर का प्लांट सबसे पुराना और सबसे बड़ा प्लांट है. उन्होंने वाहन चालकों और सुरक्षा को लेकर कहा कि पिछले चार-पांच सालों में ऑटोमोबाइल सेक्टर और वाहनों में अत्याधुनिक सेफ्टी फीचर्स (सुरक्षा विशेषताएं) शामिल किए गए हैं. ऐसे में जरूरी है कि चालकों को इन आधुनिक फीचर्स की प्रॉपर और तकनीकी जानकारी मिले, जिससे सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके.

परिवहन मंत्री दीपक बिरूआ का संदेश
परिवहन मंत्री दीपक बिरूआ ने इस अवसर पर कहा कि इस आधुनिक ड्राइविंग इंस्टीट्यूट के माध्यम से युवाओं को उच्च स्तर की आधुनिक ट्रेनिंग प्राप्त होगी. उन्होंने कहा कि जब चालक प्रशिक्षित होंगे, तभी सड़कों पर अनुशासित ढंग से वाहनों का परिचालन संभव हो सकेगा.मंत्री ने चिंता जताते हुए कहा कि आज मुख्य रूप से 18 से 35 वर्ष की आयु के युवा वर्ग सड़क दुर्घटनाओं के सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के युवाओं की बहुमूल्य जिंदगियों को बचाने और राष्ट्र निर्माण में इस प्रकार की पेशेवर ड्राइविंग ट्रेनिंग बेहद जरूरी और मील का पत्थर साबित होगी.
