कोडरमा: किसान मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ 10 अगस्त को जेल भरो आंदोलन

Koderma: केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (सीटीयू) तथा संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के आह्वान पर नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में 29 जुलाई को...

Koderma: Jail Bharo movement on August 10 against anti-farmer and anti-labor policies

Koderma: केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (सीटीयू) तथा संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के आह्वान पर नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में 29 जुलाई को आयोजित श्रमिकों और किसानों का राष्ट्रीय कन्वेंशन ने देश के मजदूरों, किसानों, खेत मजदूरों, युवाओं, छात्रों तथा अन्य मेहनतकश तबकों के साझा संघर्षों को मजबूत करने का आह्वान किया. कन्वेंशन में झारखंड से भाग ले रहे सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार की नीतियां बड़े कॉरपोरेट घरानों के हितों को बढ़ावा दे रही हैं, जबकि मजदूरों, किसानों, युवाओं और आम जनता पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है. श्रम संहिताओं, सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण, रोजगार में कटौती, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के व्यापारीकरण तथा किसान-विरोधी नीतियों के कारण देश में असमानता और संकट गहरा रहा है. इस परिस्थिति में मजदूर किसानों की एकता ही देश को बचाने का रास्ता है.

श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने पर दिया गया जोर 

कन्वेंशन में चारों श्रम संहिताओं को वापस लेने, आठ घंटे के कार्यदिवस, सामाजिक सुरक्षा और हड़ताल के अधिकार की रक्षा करने, साथ ही सभी श्रमिकों के लिए सम्मानजनक न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करने तथा संविदा, आउटसोर्सिंग एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने पर जोर दिया गया. किसानों के सवालों पर सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी, व्यापक कर्जा माफी, भूमि अधिग्रहण से सुरक्षा, कृषि के आधुनिकीकरण तथा ग्रामीण रोजगार को मजबूत करने की मांग की गई. कृषि और लघु उद्योगों के हितों के खिलाफ होने वाले मुक्त व्यापार समझौतों का विरोध किया गया.

मजदूर किसानों की एकता ही देश को बचाने का रास्ता : संजय पासवान

कन्वेंशन ने बेरोजगारी, पेपर लीक, शिक्षा के निजीकरण तथा युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को गंभीर संकट बताया. सरकारी विभागों और सार्वजनिक संस्थानों में रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती करने तथा शिक्षा और स्वास्थ्य पर सार्वजनिक खर्च बढ़ाने की मांग की गई. कन्वेंशन ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, रेल, कोयला, बिजली, बैंक, बीमा, रक्षा, परिवहन और अन्य सार्वजनिक सेवाओं के निजीकरण एवं विनिवेश का विरोध करते हुए इसे देश की आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बताया. लोकतांत्रिक अधिकारों, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक सौहार्द की रक्षा के लिए व्यापक जन एकता बनाकर संघर्ष का आह्वान किया.

10 अगस्त को जेल भरो आंदोलन को सफल बनाने का किया आह्वान 

कन्वेंशन में केन्द्र सरकार की किसान मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ 10 अगस्त को जेल भरो आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया गया. कन्वेंशन में झारखंड से सीटू के राज्य महासचिव बिश्वजीत देब, राज्य सचिव संजय पासवान, प्रतीक मिश्रा, रामजी यादव, संजय कुमार, झारखंड राज्य किसान के अध्यक्ष असीम सरकार, महासचिव सुफल महतो, सुरजीत सिन्हा, प्रदीप गुड़िया, मदुआ कच्छप, शंकर उरांव आदि शामिल थे.

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