Ranchi: सदर अस्पताल, रांची में ट्रॉमा और ब्रेन इंजरी के इलाज को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से बुधवार को विशेष सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का विषय था ब्रेन इंजरी में सीटी स्कैन की भूमिका और न्यूरोइमेजिंग. इसका आयोजन कृष्णा इमेजिंग और सेंट्रल रेडियोलॉजी हब के संयुक्त तत्वावधान मेकार्यक्रम में रेडियोलॉजिस्ट एवं सेंट्रल रेडियोलॉजी हब के प्रभारी डॉ. अनीश चौधरी ने बताया कि सिर में चोट लगने के बाद कब और किन परिस्थितियों में सीटी स्कैन कराना जरूरी होता है. उन्होंने यह भी समझाया कि समय पर सही जांच होने से मरीज का इलाज तेजी से शुरू किया जा सकता है और न्यूरोसर्जरी में भी सही निर्णय लेने में मदद मिलती है.
अलग-अलग विभागों के डॉक्टरों के बीच तालमेल है बेहद जरूरी
वहीं, कृष्णा डायग्नोस्टिक्स के अल्ट्रासोनोग्राफी विभाग के प्रमुख डॉ. परिमल सावंत ने कहा कि बेहतर इलाज के लिए अलग-अलग विभागों के डॉक्टरों के बीच तालमेल बेहद जरूरी है. इससे मरीजों को अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सकता है.कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम डॉक्टरों के ज्ञान और कौशल को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इससे मरीजों को आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.

कई लोग रहे उपस्थित
इस मौके पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह, रेडियोलॉजी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. एस. प्रसाद, अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक, विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ, प्रशासनिक अधिकारी और चिकित्सा कर्मी भी मौजूद रहे.
