NEWSWAVE SPECIAL : राज्य योजना मद से अब तक 24,739.17 करोड़ रुपए ही खर्च, व्यय करने में भी JPSC पीछे, महिला एवं बाल विकास ने बाजी मारी तो कई विभागों का प्रदर्शन फिसड्डी

Ranchi : झारखंड में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान राज्य योजना मद के तहत बजट की राशि खर्च करने की रफ्तार अभी...

राज्य योजना मद

Ranchi : झारखंड में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान राज्य योजना मद के तहत बजट की राशि खर्च करने की रफ्तार अभी काफी धीमी बनी हुई है. एक लाख 38 हजार 801 करोड़ रुपए का कुल बजट है. जिसमें अब तक वास्तविक खर्च मात्र 24,739.17 करोड़ रुपये तक ही पहुंच पाया है. यह कुल बजट का महज 17.96% (लगभग 18%) हिस्सा है. महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग (⁠6124.89 करोड़⁠), ऊर्जा विभाग (⁠3810.67 करोड़⁠), स्कूली शिक्षा के प्राथमिक प्रभाग (⁠2395.77 करोड़⁠), गृह प्रभाग (⁠2177.50 करोड़⁠) और ग्रामीण कार्य विभाग (⁠1822.07 करोड़⁠) को छोड़कर अधिकांश विभागों में खर्च का स्तर दहाई अंकों में ही सिमटा हुआ है.

विभागों की वित्तीय स्थिति और किसने कितना खर्च किया

• कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग (कृषि प्रभाग)- इस प्रभाग का कुल बजट 2106.36 करोड़ रुपये है, जबकि वास्तविक खर्च 130.81 करोड़ रुपये है.
• कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग (पशुपालन प्रभाग)-कुल बजट 624.83 करोड़ रुपये है, वास्तविक खर्च 50.37 करोड़ रुपये है.
• भवन निर्माण विभाग : इस विभाग का बजट 794.31 करोड़ रुपये है. अब तक कुल 143.98 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं.
• मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (मंत्रिमंडल सचिवालय एवं समन्वय प्रभाग)- इस प्रभाग का बजट 117.99 करोड़ रुपये है. वास्तविक खर्च 29.15 करोड़ रुपये हुआ है.
• राज्यपाल सचिवालय : राज्यपाल सचिवालय का छोटा बजट 20.11 करोड़ रुपये का है. वास्तविक खर्च 4.03 करोड़ रुपये हुआ है.
• मंत्रिमंडल (निर्वाचन) विभाग : निर्वाचन विभाग का कुल बजट 127.28 करोड़ रुपये है. वास्तविक खर्च 62.86 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है.
• मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (निगरानी प्रभाग)- इस प्रभाग का बजट 58.76 करोड़ रुपये है. जबकि वास्तविक खर्च 16.43 करोड़ रुपये हुआ है.
• नागर विमानन प्रभाग : नागर विमानन का बजट 138.63 करोड़ रुपये है. वास्तविक खर्च 30.32 करोड़ रुपये रहा है.
• सहकारिता प्रभाग : सहकारिता प्रभाग का बजट 962.11 करोड़ रुपये है. वास्तविक खर्च मात्र 19.81 करोड़ रुपये ही हो पाया है.
• ऊर्जा विभाग : इसका बजट 11,197.89 करोड़ रुपये का है, विभाग ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 3810.67 करोड़ रुपये खर्च किए हैं.
• उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग : कुल बजट 51.47 करोड़ रुपये है.खर्च 12.45 करोड़ रुपये रहा है.
• वित्त विभाग : बजट 2212.81 करोड़ रुपये है. खर्च 104.17 करोड़ रुपये हुआ है.
• ब्याज भुगतान : बजट 6519.96 करोड़ रुपये है. खर्च 179.30 करोड़ रुपये दर्ज किया गया.
• ऋण पुनर्भुगतान : बजट 9108.17 करोड़ रुपये का है. वास्तविक खर्च 113.86 करोड़ रुपये रहा.
• पेंशन : इस मद का बजट 9967.40 करोड़ रुपये है खर्च के आंकड़े शून्य (0) दर्ज किए गए है.
• वित्त अंकेक्षण : बजट 7.48 करोड़ रुपये है. खर्च 1.50 करोड़ रुपये है.
• वाणिज्य कर विभाग : बजट 173.88 करोड़ रुपये है. खर्च 55.61 करोड़ रुपये रहा है.
• खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग : कुल बजट 2481.47 करोड़ रुपये है. वास्तविक खर्च 45.52 करोड़ रुपये हुआ है.
• वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग : बजट 1533.05 करोड़ रुपये है. खर्च 79.05 करोड़ रुपये दर्ज किया गया.
• स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग : स्वास्थ्य विभाग का बजट 5980.30 करोड़ रुपये है. अब तक 1558.37 करोड़ रुपये खर्च किए है.
• उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग (उच्च शिक्षा प्रभाग) : बजट 1949.81 करोड़ रुपये है. अब तक 689.60 करोड़ रुपये खर्च कर लिया है.
गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग (गृह प्रभाग) : इस बड़े विभाग का बजट 8910.06 करोड़ रुपये है. वास्तविक खर्च 2177.50 करोड़ रुपये रहा है.
• उद्योग विभाग : बजट 501.30 करोड़ रुपये है. खर्च 26.96 करोड़ रुपये हुआ है.
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग : बजट 371.68 करोड़ रुपये है. खर्च 127.22 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है.
• कोषागार एवं संस्थागत वित्त : बजट 22.57 करोड़ रुपये है. खर्च 5.03 करोड़ रुपये रहा.
श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग : इस विभाग का बजट 1128.73 करोड़ रुपये है. विभाग ने अब तक 731.75 करोड़ रुपये खर्च कर डाले है.
विधि विभाग : बजट 975.75 करोड़ रुपये है. खर्च 187.24 करोड़ रुपये हुआ.
झारखंड उच्च न्यायालय : बजट 221.57 करोड़ रुपये है. वास्तविक खर्च 57.44 करोड़ रुपये हुआ.
• खान एवं भूतत्व विभाग) : बजट 68.44 करोड़ रुपये है. खर्च 12.11 करोड़ रुपये दर्ज किया गया.
अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग (अल्पसंख्यक कल्याण प्रभाग ) : बजट 318.98 करोड़ रुपये है. खर्च मात्र 7.21 करोड़ रुपये रहा है.
मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (संसदीय कार्य प्रभाग) : बहुत छोटे बजट वाला यह प्रभाग 1.80 करोड़ रुपये का है. खर्च 0.45 करोड़ रुपये हुआ है.
विधानसभा : बजट 165.82 करोड़ रुपये है. खर्च 38.47 करोड़ रुपये रिकॉर्ड किया गया.
कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग (कार्मिक प्रभाग) : बजट 50.12 करोड़ रुपये है. खर्च 15.17 करोड़ रुपये हुआ है.
• झारखंड लोक सेवा आयोग : बजट 55.33 करोड़ रुपये है. जबकि खर्च 9.48 करोड़ रुपये हुआ.
• योजना एवं विकास विभाग : बजट 539.94 करोड़ रुपये वास्तविक खर्च 9.90 करोड़ रुपये रहा, जो काफी कम है.
• पेयजल एवं स्वच्छता विभाग : बजट 3994.53 करोड़ रुपये है. वास्तविक खर्च 88.94 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है.
• कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग (राजभाषा प्रभाग)- बजट 21.30 करोड़ रुपये है. खर्च 5.34 करोड़ रुपये हुआ.
राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग (निबंधन प्रभाग ) : बजट 28.48 करोड़ रुपये है. खर्च 5.70 करोड़ रुपये रहा.
गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग (आपदा प्रबंधन प्रभाग) : बजट 1173.47 करोड़ रुपये है. खर्च 10.13 करोड़ रुपये हुआ है.
राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग (राजस्व एवं भूमि सुधार प्रभाग) : बजट 931.73 करोड़ रुपये है. खर्च 209.84 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है.
• पथ निर्माण विभाग : सड़कों के निर्माण और चौड़ीकरण से जुड़े इस महत्वपूर्ण विभाग का बजट 6301.28 करोड़ रुपये है. विभाग ने इसमें से 638.40 करोड़ रुपये खर्च किए हैं.
• ग्रामीण विकास विभाग : ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए बड़ा बजट 7845.93 करोड़ रुपये तय किया गया. जबकि विभाग ने कुल 750 करोड़ रुपये खर्च किए हैं.
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग (तकनीकी शिक्षा प्रभाग ) : बजट 479.65 करोड़ रुपये है. खर्च 48.88 करोड़ रुपये हुआ है.
• स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग : इस विशेष प्रभाग का बजट 6.69 करोड़ रुपये है. खर्च 2.33 करोड़ रुपये हुआ.
• सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग : बजट 328.99 करोड़ रुपये है. खर्च 23.57 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है.
• पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग (पर्यटन प्रभाग ) : बजट 170.14 करोड़ रुपये है. खर्च 13.46 करोड़ रुपये हुआ है.
• परिवहन विभाग : बजट 348.94 करोड़ रुपये है. खर्च 5.31 करोड़ रुपये रिकॉर्ड किया गया है.
• नगर विकास एवं आवास विभाग (शहरी विकास प्रभाग ) : शहरी क्षेत्रों के विकास का बजट 2369.40 करोड़ रुपये है. वास्तविक खर्च 69.92 करोड़ रुपये रहा है.
• जल संसाधन विभाग : सिंचाई और जल प्रबंधन का बजट 2121.82 करोड़ रुपये है. खर्च 656.57 करोड़ रुपये खर्च किए है.
जल संसाधन विभाग (लघु सिंचाई प्रभाग) : बजट 392.89 करोड़ रुपये है. खर्च 81.63 करोड़ रुपये हुआ है.
कल्याण विभाग (अजा, अजजा, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण प्रभाग : इस बड़े कल्याणकारी महकमे का बजट 2199.22 करोड़ रुपये है. वास्तविक खर्च 88.55 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है.
• पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग (कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य प्रभाग) : बजट 191.53 करोड़ रुपये है. खर्च 27.59 करोड़ रुपये हुआ है.
कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग (मत्स्य प्रभाग) : बजट 220.17 करोड़ रुपये है. खर्च 15.31 करोड़ रुपये रहा.
• कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग (डेयरी प्रभाग ) : बजट 434.58 करोड़ रुपये है. खर्च 65.62 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है.
ग्रामीण कार्य विभाग : ग्रामीण सड़कों और अन्य संरचनाओं से जुड़े इस बड़े विभाग का बजट 4156.74 करोड़ रुपये है. अब तक 1822.07 करोड़ रुपये खर्च किए हैं.
पंचायती राज विभाग : बजट 883.25 करोड़ रुपये है. खर्च 92.93 करोड़ रुपये हुआ है.
• नगर विकास एवं आवास विभाग (आवास प्रभाग) : बजट 101.74 करोड़ रुपये है., जबकि खर्च 0.49 करोड़ रुपये हुआ है.
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (माध्यमिक शिक्षा प्रभाग ) : माध्यमिक शिक्षा का बजट 4909.72 करोड़ रुपये है. विभाग ने अब तक 952.14 करोड़ रुपये खर्च किए हैं.
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (प्राथमिक एवं वयस्क शिक्षा प्रभाग) : प्राथमिक शिक्षा का बजट 9485.01 करोड़ रुपये है. वास्तविक खर्च 2395.77 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है.
• महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग : यह झारखंड का सबसे अधिक बजट वाला विभाग है, जिसका कुल बजट 20,238.41 करोड़ रुपये है. विभाग ने पूरे राज्य में सबसे अधिक 6,124.89 करोड़ रुपये खर्च करके वित्तीय मोर्चे पर बाजी मारी है.

 

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