रांची: झारखंड सरकार ने राज्य में अनियमित ढंग से चल रहे नर्सिंग कॉलेजों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है. स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में 61 नर्सिंग कॉलेजों की समीक्षा की गई, जिसमें कई कॉलेजों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और नामांकन पर रोक लगाने का फैसला किया गया.

क्या होगी अनियमित कॉलेजों पर कार्रवाई?
लगातार तीन शैक्षणिक सत्र से नामांकन लेने वाले, लेकिन तय आहर्ता को पूरा नहीं करने वाले कॉलेजों पर जुर्माना लगाया जाएगा. ऐसे कॉलेजों में तत्काल प्रभाव से नामांकन पर रोक लगाई जाएगी. ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित नर्सिंग कॉलेजों के लिए जमीन की रसीद और शहरी क्षेत्रों में होल्डिंग टैक्स की स्थिति की जांच की जाएगी.
वहीं, नियम का पालन करने वाले नर्सिंग कॉलेजों को एनओसी जारी करने पर भी सहमति बनी. इसके लिए 15 दिनों के भीतर काउंसिल की फिर से बैठक की जाएगी. साथ ही, कॉलेजों को सरकारी या निजी अस्पतालों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) से जोड़ने का निर्देश दिया गया. पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कम से कम पांच सीएचसी में तत्काल नर्सिंग की कक्षाएं शुरू करने का निर्देश दिया गया.
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