Giridih: स्कूल के पास संचालित पत्थर खदान पर ग्रामीणों का विरोध, सुरक्षा को लेकर आंदोलन की चेतावनी

Giridih: जिले के गांडेय थाना क्षेत्र के मेदनीसारे पंचायत अंतर्गत खंभाटाड़ गांव में संचालित एक गहरी पत्थर खदान को लेकर ग्रामीणों का...

Villagers protest
Giridih: Villagers protest against stone quarry operating near school

Giridih: जिले के गांडेय थाना क्षेत्र के मेदनीसारे पंचायत अंतर्गत खंभाटाड़ गांव में संचालित एक गहरी पत्थर खदान को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है. ग्रामीणों का आरोप है कि आबादी और स्कूल के बेहद करीब खदान का संचालन कर बच्चों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाला जा रहा है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा.

कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा- ग्रामीण 

ग्रामीणों के अनुसार, कोलडीहा निवासी मोहम्मद सरवर द्वारा संचालित बताई जा रही यह पत्थर खदान गांव की बस्ती से महज 150 से 200 मीटर की दूरी पर स्थित है. खदान से सटे सर्टेन नेशनल पब्लिक स्कूल में प्रतिदिन करीब 1,000 बच्चे पढ़ाई करने आते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि खदान की गहराई और लगातार चल रहे खनन कार्य के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद संचालन जारी है. ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि खदान में रात के समय भी मजदूरों से काम कराया जाता है, जिससे आसपास के लोगों में भय का माहौल बना हुआ है. उनका कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे खदान संचालकों के हौसले बढ़े हुए हैं.

सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी 

स्कूल संचालक मोहम्मद कादिर ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द हस्तक्षेप नहीं किया तो बच्चों, अभिभावकों और ग्रामीणों के साथ व्यापक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी. हालांकि, गांडेय अंचल अधिकारी ओम प्रकाश बड़ाई ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है. जांच कराई जाएगी और यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन जांच पूरी होने से पहले किसी संभावित हादसे का इंतजार करेगा, या समय रहते बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाएगा. फिलहाल पूरे मामले पर ग्रामीणों और अभिभावकों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं.

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