रांची: झारखंड में ईद-उल-फितर, सरहुल और रामनवमी के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने तैयारी शुरू कर दी हैं.राज्य के डीजीपी तदाशा मिश्र की अध्यक्षता में आज यानि मंगलवार को तीन बजे एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई गई है.
यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिसमें राज्य के सभी जिलों एसएसपी, एसपी शामिल होंगे. बैठक के दौरान राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुल 18 मुख्य बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी. पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों एसएसपी,एसपीको स्पष्ट निर्देश दिया है, कि वे पूरी तैयारी के साथ इस बैठक में शामिल हों.

सुरक्षा और विधि-व्यवस्था के लिए 18 मुख्य बिंदुओं पर होगी चर्चा:
– असामाजिक तत्वों के खिलाफ पहले से ही निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करना.
– संवेदनशील स्थानों और धार्मिक स्थलों के आसपास दंडाधिकारियों और पुलिस बलों की तैनाती.
– धार्मिक स्थलों और जुलूस मार्गों पर सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों के माध्यम से हवाई निगरानी की व्यवस्था.
– रामनवमी और अन्य त्योहारों के दौरान निकलने वाले जुलूसों के मार्गों का भौतिक सत्यापन करना और वहां पर्याप्त रोशनी व पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाना.
– जिला और थाना स्तर पर शांति समिति की बैठकें आयोजित कर आपसी सौहार्द बनाना.
– डीजे या अन्य साउंड सिस्टम के माध्यम से उत्तेजक या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले गानों के प्रसारण पर सख्त पाबंदी.
– दंगा रोधी उपकरणों, वाटर कैनन और वज्र वाहनों की उपलब्धता की जांच के साथ-साथ एंटी रॉयट ड्रिल सुनिश्चित करना.
– अवैध मादक पदार्थों और शराब की बिक्री के विरुद्ध सघन छापेमारी.
– संयुक्त कंट्रोल रूम की स्थापना और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को दुरुस्त रखना.
पेंडिंग मामलों और वारंट पर होगी चर्चा:
विधि-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस महानिदेशक लंबित वारंटों और कुर्की-जब्ती के निष्पादन की भी समीक्षा करेंगे. साथ ही, सांप्रदायिक दंगों से संबंधित दर्ज पुराने मामलों की वर्तमान स्थिति और उनके निष्पादन पर भी चर्चा की जाएगी. पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सभी जिलों को निर्देश दिया गया है कि वे अतिरिक्त बलों और होमगार्ड की आवश्यकता का आकलन कर समय रहते कॉल-अप सुनिश्चित करें.

