Hazaribagh: इस वर्ष पहली बार व्रत करने वाली नई नवेली सुहागिनें वट सावित्री व्रत नहीं रख सकेंगी. इसके साथ ही हरितालिका तीज, श्रीदुर्गा अष्टमी, करवा चौथ, आंवला नवमी, महाशिवरात्रि और एकादशी जैसे व्रतों की भी शुरुआत इस साल नहीं हो सकेगी.
मलमास बना वजह
शास्त्रों के अनुसार इस वर्ष लगने वाला मलमास (अधिक मास) नई शुरुआत के लिए शुभ नहीं माना जाता है. मान्यता है कि जिस वर्ष मलमास पड़ता है, उस वर्ष पहली बार किसी व्रत का शुभारंभ या उद्यापन नहीं करना चाहिए.

अगले वर्ष से कर सकेंगी शुरुआत
चेतन पांडेय के अनुसार वट सावित्री व्रत के अगले दिन ही मलमास लग रहा है, इसलिए जिन महिलाओं का इस वर्ष विवाह हुआ है और जो पहली बार व्रत रखने की तैयारी कर रही हैं, उन्हें इस बार व्रत नहीं करना चाहिए. वे अगले वर्ष से व्रत की शुरुआत कर सकती हैं.
पहले से व्रत कर रहीं महिलाएं रख सकती हैं व्रत
पंडित ने स्पष्ट किया कि जो महिलाएं पहले से ये व्रत करती आ रही हैं, उन पर मलमास का दोष लागू नहीं होगा. वे पहले की तरह सभी व्रत रख सकती हैं.
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