न्यूज वेभ डेस्कः
लंबे समय से कानूनी गलियारों और निजी जीवन की उलझनों में फंसे रहे जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनकी पत्नी पायल अब्दुल्ला के रिश्तों का आखिरकार औपचारिक रूप से अंत हो गया है. सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों के बीच बनी आपसी सहमति और सफल मध्यस्थता का संज्ञान लेते हुए उनकी शादी को खत्म करने का आदेश दे दिया है. इस फैसले के साथ ही दोनों ने कानूनी रूप से अपने रास्ते अलग कर लिए हैं.
अब दोनों को मिल गई आज़ादी
सुनवाई के दौरान उमर अब्दुल्ला की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने शीर्ष अदालत को बताया कि दोनों पक्षों ने आपसी विवादों को हमेशा के लिए सुलझा लिया है. उन्होंने अदालत में दलील दी, कि अब दोनों ने अपनी आज़ादी गले लगा ली है. मामला पूरी तरह से सुलझ चुका है, अदालत तलाक मंजूर कर सकती है. इस पर न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक आराधे की पीठ ने संतोष जताते हुए कहा कि यदि दोनों पक्षों में आपसी सहमति बन चुकी है, तो अदालत इसी आधार पर कार्यवाही का निपटारा करती है.

1994 में बंधे थे परिणय सूत्र में
उमर अब्दुल्ला और पायल की शादी 1 सितंबर 1994 को हुई थी.हालांकि, वैचारिक मतभेदों और दूरियों के चलते दोनों लंबे समय से अलग-अलग रह रहे थे. शुरुआत में लोअर कोर्ट और फिर दिसंबर 2023 में दिल्ली हाईकोर्ट ने उमर अब्दुल्ला की तलाक की अर्जी को खारिज कर दिया था, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था.अदालत की पहल पर इस हाई-प्रोफाइल मामले को मध्यस्थता केंद्र भेजा गया था, जहां दोनों पक्षों ने समझदारी दिखाते हुए तमाम कानूनी मुकदमों को वापस लेने और आपसी सहमति से अलग होने का ऐतिहासिक फैसला लिया.
