रांची : जिला विधिक सेवा प्राधिकार की बोर्ड-ऑफ-विजिटर्स टीम ने सोमवार को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार होटवार का औचक निरीक्षण किया. यह जांच झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यपालक अध्यक्ष जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद के निर्देश और रांची सिविल कोर्ट के प्रधान न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में की गई. निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जेल के भीतर कथित ‘जाति आधारित भेदभाव’ की पड़ताल करना था.

निरीक्षण के दौरान डालसा सचिव राकेश रौशन ने स्पष्ट किया कि टीम यह सुनिश्चित करना चाहती थी कि कहीं बंदियों को जाति के आधार पर अलग तो नहीं रखा जा रहा है या उनसे किसी विशेष जाति के आधार पर काम तो नहीं कराया जा रहा है. गहन जांच के बाद उन्होंने बताया कि जेल परिसर में जाति आधारित भेदभाव का कोई मामला सामने नहीं आया. टीम ने बंदियों के मानवाधिकार, भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई की भी समीक्षा की तथा प्रशासन को स्वच्छता मानकों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया. साथ ही महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर करने पर भी जोर दिया गया.

