Hazaribagh : हजारीबाग प्रमंडल के आयुक्त विजय कुमार गुप्ता अपने परिवार के साथ बड़कागांव प्रखंड स्थित ऐतिहासिक बरवाडीह मेगालिथ स्थल पहुंचे. निजी दौरे के दौरान उन्होंने मेगालिथ परिसर का भ्रमण कर इसकी ऐतिहासिक, पुरातात्विक और सांस्कृतिक विरासत की जानकारी ली और इसके संरक्षण और विकास की आवश्यकता पर बल दिया.

अधिकारियों से ली संरक्षण कार्यों की जानकारी
भ्रमण के दौरान बड़कागांव के अंचलाधिकारी मनोज कुमार ने आयुक्त को मेगालिथ स्थल के संरक्षण, रखरखाव और विकास से संबंधित कार्यों की जानकारी दी. वहीं प्रखंड विकास पदाधिकारी जितेंद्र कुमार मंडल भी मौजूद रहे और क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं से अवगत कराया.
ग्रामीणों से संवाद, आजीविका के साधनों पर की चर्चा
आयुक्त विजय कुमार गुप्ता ने स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत कर क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक स्थिति की जानकारी प्राप्त की. उन्होंने ग्रामीणों से उनके मुख्य व्यवसाय और रोजगार के साधनों के बारे में पूछा. ग्रामीणों ने बताया कि अधिकांश परिवार कृषि पर निर्भर हैं. इस दौरान आयुक्त ने क्षेत्र में संचालित कोयला कंपनियों की गतिविधियों और उनसे जुड़े रोजगार और विकास के पहलुओं पर भी चर्चा की.
पर्यटन की अपार संभावनाओं पर जताया विश्वास
अधिकारियों ने आयुक्त को बताया कि बरवाडीह का मेगालिथ स्थल प्राचीन सभ्यता और पूर्वजों की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक है. यहां स्थापित विशाल पत्थर मानव सभ्यता के प्रारंभिक काल की सामाजिक और धार्मिक परंपराओं के महत्वपूर्ण साक्ष्य माने जाते हैं. इतिहास, पुरातत्व और पर्यटन की दृष्टि से यह स्थल बेहद महत्वपूर्ण है.
संरक्षण से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
आयुक्त ने कहा कि यदि मेगालिथ स्थल का समुचित संरक्षण और सुनियोजित विकास किया जाए तो यह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन का प्रमुख आकर्षण बन सकता है. इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.
ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने की अपील
उन्होंने कहा कि मेगालिथ जैसी ऐतिहासिक धरोहरें हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं. इनके संरक्षण के साथ-साथ इनके महत्व को जन-जन तक पहुंचाना भी आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी विरासत से परिचित हो सकें. इस अवसर पर BPO अरुण कुमार, हीरो महतो, कर्मचारी मनीष पाठक, अनंत कुमार कुशवाहा, अमीन दुलारचंद महतो, रोजगार सेवक सुबोध सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे.

