SAURAV SINGH

Ranchi: सहारा इंडिया की चार विभिन्न कंपनियों में फंसे झारखंड के निवेशकों के 32 हजार करोड़ रुपये की वापसी की मांग को लेकर निवेशक रविवार से अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं. यह आंदोलन रांची स्थित लोकभवन के समीप आयोजित किया जाएगा. इस आंदोलन की सूचना मिलते ही पुलिस मुख्यालय की स्पेशल ब्रांच ने एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर पूरे राज्य में अलर्ट जारी कर दिया है. स्पेशल ब्रांच की ओर से डीजीपी,सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, जोनल आईजी, रेंज डीआईजी और जिलों के एसपी को रिपोर्ट भेजकर प्रशासनिक सतर्कता, कड़ी निगरानी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था की कोई समस्या उत्पन्न न हो.

स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट की मुख्य बातें
स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट के अनुसार, सहारा इंडिया में अपनी जमा पूंजी गंवाने वाले पीड़ित निवेशकों और एजेंटों द्वारा संयुक्त रूप से यह आंदोलन किया जा रहा है. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं.

- 32,000 करोड़ के भुगतान हेतु हस्तक्षेप: राज्य सरकार से सहारा में फंसे झारखंड के 32,000 करोड़ रुपये के भुगतान के लिए हस्तक्षेप याचिका दाखिल करने की मांग.
- दोषियों पर सख्त कार्रवाई: सहारा इंडिया के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करना.
- जांच आयोग का गठन: सहारा पीड़ितों के मामलों और शिकायतों की सुनवाई के लिए एक समर्पित जांच आयोग का गठन.
- आर्थिक सहायता: सहारा घोटाले के मानसिक और वित्तीय तनाव से आहत होकर अपनी जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को वित्तीय मदद देना.
इस अनिश्चितकालीन सत्याग्रह में ‘जनसेवा संस्थान’ के राष्ट्रीय सचिव नागेंद्र कुमार, अध्यक्ष अशोक कुमार राम, प्रदेश अध्यक्ष सफकत नाज और प्रदेश सचिव संतोष साहू के नेतृत्व में पूरे झारखंड प्रदेश से लगभग 400 से 500 निवेशकों और एजेंटों के जुटने की संभावना है.
पुलिस मुख्यालय की रिपोर्ट में 86,673 करोड़ के घोटाले का उल्लेख
पुलिस मुख्यालय के तत्कालीन डीजीपी अनुराग गुप्ता द्वारा पूर्व में राज्य सरकार को बकाया भुगतान और आयोग गठन के संबंध में भेजी गई रिपोर्ट में कुल 86,673 करोड़ रुपये के घोटाले का जिक्र किया गया था.रिपोर्ट में सहारा समूह की विभिन्न सोसाइटियों में जमा की गई राशि का विवरण इस प्रकार है.

- सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड: 47,245 करोड़
- सहारा मल्टीपर्पज सोसाइटी: 1,800 करोड़
- सहारा स्टार मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी: 8,470 करोड़
- सहारा इंडिया कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड: 12,958 करोड़
