Hazaribagh : बरही चौक पर दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापना और चौक के नामकरण को लेकर चल रहे विवाद के बीच शनिवार को जिला परिषद की विशेष बैठक में नया मोड़ आ गया. उप विकास आयुक्त सह जिला परिषद सचिव की उपस्थिति में हुई बैठक में जिला परिषद सदस्यों ने एक स्वर में आपत्ति जताते हुए कहा कि इस संबंध में जिला परिषद बोर्ड से कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ है.

जिप सदस्यों ने कहा, परिषद से नहीं मिली सहमति
जिप सदस्या प्रीति गुप्ता सहित अन्य सदस्यों ने कहा कि बरही चौक पर प्रतिमा स्थापना अथवा नाम परिवर्तन को लेकर परिषद की किसी भी बैठक में सहमति नहीं बनी है. बैठक के दौरान प्रस्ताव के समर्थन में हाथ उठाने को कहा गया, लेकिन किसी भी सदस्य ने समर्थन नहीं किया. इससे प्रस्ताव को लेकर असहमति स्पष्ट हो गई.

लिखित ज्ञापन देकर दर्ज कराया विरोध
बैठक के दौरान जिला परिषद सदस्यों ने एक लिखित ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज कराया. ज्ञापन में कहा गया कि बिना विधिवत प्रस्ताव पारित किए और बिना आमसभा की सहमति के इस प्रकार की कार्रवाई लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विरुद्ध है. सदस्यों ने कहा कि बरही चौक एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल है, इसलिए उससे जुड़े किसी भी निर्णय में जनभावना और स्थानीय लोगों की सहमति आवश्यक है.

19 सदस्यों के हस्ताक्षर, यथास्थिति बनाए रखने की मांग
ज्ञापन पर जिला परिषद के 19 सदस्यों के हस्ताक्षर हैं. सभी सदस्यों ने एकजुट होकर प्रस्ताव का विरोध किया और प्रशासन से वर्तमान स्थिति यथावत बनाए रखने की मांग की. उन्होंने कहा कि बिना विधिवत प्रक्रिया के किसी भी प्रकार का नाम परिवर्तन या प्रतिमा स्थापना नहीं की जानी चाहिए.
जनभावना को सर्वोपरि बताया
सदस्यों ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की भावना सर्वोपरि होती है और बिना आमसभा के कोई भी निर्णय स्वीकार्य नहीं होगा. उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर पारदर्शी और वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए.
DC और SDO को भेजी गई प्रतिलिपि
इस संबंध में दिए गए आवेदन की प्रतिलिपि उपायुक्त हजारीबाग और अनुमंडल पदाधिकारी बरही को भी भेजी गई है. अब इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है.

