न्यूज़ वेव डेस्क

देशभर में इन दिनों यह चर्चा तेज है कि भविष्य में UPI से भुगतान करने पर ग्राहकों को शुल्क देना पड़ सकता है. सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं. इसी बीच फोनपे के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी समीर निगम ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि आम भारतीय उपभोक्ताओं के लिए UPI भुगतान पूरी तरह मुफ्त है और आगे भी मुफ्त ही रहेगा.

ग्राहकों को शुल्क नहीं देना होगा
समीर निगम ने कहा कि UPI भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था का सबसे बड़ा आधार बन चुका है. इसे लोगों के लिए सरल और सुलभ बनाए रखने की नीति जारी रहेगी. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उपभोक्ताओं से UPI भुगतान पर किसी प्रकार का शुल्क लेने की कोई योजना नहीं है.


कानून में संशोधन के बाद बढ़ी चर्चा
हाल में संसद में भुगतान एवं निपटान प्रणाली कानून में संशोधन से जुड़ा विधेयक पारित हुआ है. इस संशोधन के बाद सरकार को कुछ इलेक्ट्रॉनिक भुगतान सेवाओं पर शुल्क संबंधी नियम तय करने का अधिकार मिलेगा. इसी वजह से UPI पर चार्ज लगाए जाने की अटकलें शुरू हो गई थीं. हालांकि अभी ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है.
पेमेंट्स काउंसिल ने भी दी सफाई
पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी बयान जारी कर कहा है कि उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों के लिए UPI सेवा पहले की तरह निःशुल्क बनी रहेगी. परिषद ने स्पष्ट किया कि वर्तमान चर्चा डिजिटल भुगतान प्रणाली के दीर्घकालिक संचालन और उसके आर्थिक मॉडल को मजबूत बनाने को लेकर है, न कि आम ग्राहकों पर शुल्क लगाने को लेकर.
छोटे दुकानदारों को भी राहत
किराना दुकानों और छोटे व्यापारियों को भी राहत मिली है. परिषद के अनुसार UPI भुगतान स्वीकार करने पर उनसे मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) नहीं लिया जाएगा. यानी छोटे दुकानदार बिना अतिरिक्त शुल्क दिए डिजिटल भुगतान स्वीकार कर सकेंगे.
फिलहाल क्या समझें?
मौजूदा स्थिति में आम ग्राहक जब मोबाइल ऐप के जरिए UPI भुगतान करते हैं, तो उन्हें कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ता. फोनपे और उद्योग संगठन दोनों ने साफ किया है कि फिलहाल यह व्यवस्था जारी रहेगी. इसलिए UPI भुगतान पर तुरंत चार्ज लगने की खबरों को सही नहीं माना जाना चाहिए.
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