Koderma: सावन की दूसरी सोमवारी पर जिले के प्रसिद्ध ध्वजाधारी धाम में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला. अहले सुबह से ही “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों से पूरा ध्वजाधारी पहाड़ शिवमय हो गया. सुबह करीब 5 बजे से ही कांवरियों और श्रद्धालुओं का जत्था ध्वजाधारी पहाड़ की ओर बढ़ने लगा. हाथों में गंगाजल की कांवर लिए श्रद्धालुओं ने 777 सीढ़ियां चढ़कर पहाड़ की चोटी स्थित शिवालय पहुंचकर विधि-विधान से बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया. इसके बाद बेलपत्र, फूल, चंदन, धतूरा और अक्षत अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की.
महिलाओं और युवाओं में खास उत्साह
दूसरी सोमवारी को लेकर महिलाओं, युवाओं और बच्चों में भी खासा उत्साह देखा गया. कई श्रद्धालु कोडरमा के साथ-साथ पड़ोसी जिलों और बिहार से भी पैदल और कांवर लेकर ध्वजाधारी धाम पहुंचे. मंदिर परिसर में दिनभर भक्ति गीतों और जयकारों के बीच भक्तों की कतार लगी रही. वहीं जिले के अन्य शिवालयों में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. लोगों ने नजदीकी मंदिरों में जलाभिषेक कर मनोकामनाएं मांगी.
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सोमवार को पूजा का विशेष महत्व
श्रद्धालुओं का मानना है कि सावन का हर दिन भगवान शिव को प्रिय है, लेकिन सोमवार को जलाभिषेक का विशेष महत्व है. मान्यता है कि सावन सोमवार को बाबा को जल अर्पित करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और घर में सुख-शांति आती है. इसी आस्था के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु ध्वजाधारी धाम पहुंचे और बाबा के दरबार में माथा टेका. प्रशासन और मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा और पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई थी.
