Ranchi: झारखंड शराब प्रकरण की जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने अपनी जांच प्रक्रिया को और तेज कर दिया है. ACB द्वारा अब तक जुटाए गए साक्ष्यों, दस्तावेजों और दर्ज बयानों के क्रमिक विश्लेषण के आधार पर जांच के अगले चरण की शुरुआत की गई है. हालिया पूछताछ और उपलब्ध दस्तावेज की समीक्षा में कई नए तथ्य और महत्वपूर्ण पहलू सामने आए हैं, जिनकी पुष्टि के लिए एसीबी आगे की कार्रवाई कर रही है.
तत्कालीन उत्पाद अधिकारियों के दर्ज हुए विस्तृत बयान:
जांच की इसी कड़ी में तत्कालीन उत्पाद आयुक्त (मुख्यालय) राकेश कुमार तथा तत्कालीन सहायक उत्पाद आयुक्त (मुख्यालय) मनोज कुमार से ब्यूरो ने विस्तृत पूछताछ की है और उनके बयान दर्ज किए हैं. ACB के अनुसार, इन अधिकारियों के बयानों से प्रकरण से जुड़े कई नए बिंदु और महत्वपूर्ण जानकारियां प्रकाश में आई हैं.
समन के बावजूद गैरहाजिर रहे निजी कंपनियों के निदेशक:
ACB कार्यालय ने मामले में पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए 10 अगस्त की तिथि निर्धारित करते हुए कई निजी कंपनियों के निदेशकों को समन जारी किया था. इनमें शामिल हैं:
- जतीन सहाय (निदेशक, Florence Health Care and Research Center Private Limited),
- अरुण गौर (निदेशक, A2Z Infra Services Ltd)
- मनोज तिवारी (निदेशक, A2Z Infra Services Ltd)
- विकास अग्रवाल (निदेशक, A2Z Infra Services Ltd)
- तय समन के बावजूद ये सभी निदेशक निर्धारित तिथि पर ब्यूरो के समक्ष उपस्थित नहीं हुए.
11 अगस्त को अन्य अधिकारियों से होगी पूछताछ:
ACB ने जांच को आगे बढ़ाते हुए 11 अगस्त को तत्कालीन अधिकारियों को पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए समन जारी किया है. जिनमें मनोज कुमार वर्णवाल (तत्कालीन सहायक प्रशाखा पदाधिकारी, उत्पाद विभाग), मंगल प्रसाद सहाय (तत्कालीन सहायक प्रशाखा पदाधिकारी, उत्पाद विभाग) और मिनाश्री प्रसाद (तत्कालीन उत्पाद निरीक्षक) शामिल है.
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