Ranchi/Delhi: रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के मधुकम बस्ती में चर्चित दखल दिहानी के मामले में झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज हो गई है. झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दखल दिहानी का दावा करने वाले महादेव उरांव ने झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसपर बुधवार को शीर्ष अदालत में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान अदालत ने झारखंड हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकर करते हुए महादेव उरांव की याचिका खारिज कर दी.
महादेव उरांव के ऊपर 12 लाख रुपये का लगा जुर्माना
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस मनमोहन की अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई. महादेव उरांव ने झारखंड हाईकोर्ट के 31 जुलाई के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें झारखंड हाईकोर्ट ने रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के मधुकम बस्ती में अतिक्रमण हटाने के नाम पर की गई कार्रवाई को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए दखल दिहानी की प्रक्रिया और आदेश को खत्म कर दिया था. साथ ही हाईकोर्ट में तथ्य छुपाकर याचिका दायर करने वाले महादेव उरांव के ऊपर 12 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था. झारखंड हाईकोर्ट ने महादेव उरांव को निर्देश दिया है, कि वह यह राशि उन लोगों को देंगे जिनका घर टूटा है. अदालत ने यह जुर्माना इसलिए लगाया है, क्योंकि महादेव उरांव ने रिट याचिका दाखिल करते समय हस्तक्षेपकर्ताओं के साथ हुए एग्रीमेंट और उनसे पैसे लेने की जानकारी कोर्ट से छुपाई थी. सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद अब महादेव उरांव को उन पीड़ितों को पैसों का भुगतान करना होगा जिनके घर टूटे हैं.
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