हजारीबाग: पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव ने झारखंड सरकार पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके घर पर की गई कार्रवाई मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सीधे निर्देश पर हुई. साव का दावा है कि मुख्यमंत्री के आदेश के बिना प्रशासन ऐसी कोई कार्रवाई नहीं कर सकता था.योगेंद्र साव ने कहा कि झारखंड की तथाकथित ‘अबुआ सरकार’ असल में कारपोरेट सरकार है. यहां खुलेआम लूट मची हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कांग्रेस और राहुल गांधी को नीचा दिखाने में लगे हुए हैं. उनके अनुसार, सरकार के पापों का घड़ा भर चुका है और यह सरकार जल्द ही जाने वाली है.उन्होंने आगे की रणनीति बताते हुए कहा कि वे बापू वाटिका में धरना देंगे और लोगों को सरकार के वास्तविक चरित्र से अवगत कराएंगे.
मुआवजे और कानूनी प्रावधानों पर सवाल
योगेंद्र साव ने कहा कि पिछली सरकार में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में स्पष्ट कहा था कि भूमि अधिग्रहण सीबी एक्ट के तहत नहीं, बल्कि 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के अनुसार होगा, जिसमें चार गुना मुआवजे का प्रावधान है. उन्होंने आरोप लगाया कि अब वही मुख्यमंत्री अपने पुराने बयानों को भूल चुके हैं.
उन्होंने बताया कि उनके घर के भीतर करोड़ों की संपत्ति थी, जिसे या तो ध्वस्त कर दिया गया या पुलिस ने जब्त कर लिया. ट्रिब्यूनल में मात्र 1.97 करोड़ रुपये मुआवजा जमा कराया गया है, जबकि सीबी एक्ट के अनुसार यह राशि लगभग 20 करोड़ रुपये बनती है. 2013 के कानून के तहत यह राशि इससे भी अधिक होती.
योगेंद्र साव ने मुआवजे को कानून के प्रावधानों के अनुरूप नहीं बताया. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि घर, जमीन और सड़क की माप एक कनिष्ठ अभियंता से कराई गई, जो उचित नहीं है. उनका कहना है कि वहां सेरामिक फैक्ट्री थी, जिसका आकलन सेरामिक इंजीनियर द्वारा किया जाना चाहिए था.
बिना नोटिस और कोर्ट आदेश के कार्रवाई का आरोप
पूर्व मंत्री ने कहा कि घर तोड़ने से पहले उन्हें न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही कोर्ट का कोई आदेश लिया गया. उन्होंने कहा कि प्रशासन के खिलाफ बुधवार को कोर्ट में कंप्लेंट केस दायर किया गया था, जिसके बाद गुरुवार को यह कार्रवाई की गई.
उन्होंने झारखंड सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह “दो नंबर के कोयले और अवैध बालू” की सरकार है, जो लूट के बल पर चल रही है. साव ने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में सरकार की कार्यशैली को जनता के बीच रखा जाएगा.
