Ranchi: झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाओं को संचालित करने वाली एजेंसी TDPL इस समय भारी विवादों में घिर गई है. OMR शीट में हेरफेर, पैसे के लेनदेन, परीक्षा में धांधली जैसे गंभीर आरोपों के बाद सरकार ने मामले की जांच कराने का फैसला लिया है. इस एजेंसी के जिम्मे राज्य की कुल 15 बड़ी भर्ती परीक्षाएं थीं, जो अब पूरी तरह से जांच के दायरे में हैं.

JPSC की 10 परीक्षाओं पर संकट, 14वीं सिविल सेवा परीक्षा रद्द
TDPL को झारखंड लोक सेवा आयोग की 10 महत्वपूर्ण परीक्षाओं को आयोजित करने का जिम्मा मिला था. इनमें हाल ही में 19 अप्रैल 2026 को आयोजित हुई बहुचर्चित 14वीं JPSC सिविल सर्विसेज मुख्य परीक्षा भी शामिल है, जिसे व्यापक गड़बड़ी की शिकायतों के बाद सरकार ने रद्द कर दिया है. इसके अलावा 2023 से 2025 के बीच हुई बैकलॉग परीक्षाओं को भी रद्द किया जा चुका है.
जांच के दायरे में आई JPSC की प्रमुख परीक्षाएं इस प्रकार हैं:
- संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा (नियमित)
- संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा (बैकलॉग – दो अलग-अलग सत्र)
- सिविल जज (जूनियर डिवीजन) परीक्षा
- सहायक लोक अभियोजक (नियमित एवं बैकलॉग)
- इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज
- प्रोजेक्ट मैनेजर
- बॉयलर इंस्पेक्टर
- झारखंड पात्रता परीक्षा (JET)
JSSC की इन 5 परीक्षाओं की भी होगी जांच
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से भी इस एजेंसी को 5 बड़ी परीक्षाओं का ठेका दिया गया था, जो अब संदेह के घेरे में हैं.
- झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (JGGGLCCE)
- झारखंड तकनीकी/विशिष्ट योग्यताधारी स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा
- झारखंड फील्ड वर्कर प्रतियोगिता परीक्षा
- झारखंड वनरक्षक प्रतियोगिता परीक्षा
- झारखंड PGT शिक्षक नियुक्ति परीक्षा
500 से अधिक OMR शीट में हेरफेर का आरोप
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा खुलासा फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर और असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट (ACF) परीक्षा को लेकर हुआ है, जहां 500 से अधिक OMR शीट में हेरफेर करने का गंभीर आरोप है. इसके अलावा एजेंसी पर पेपर लीक कराने और अभ्यर्थियों से अवैध वसूली के भी आरोप लगे हैं.
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि JSSC ने 20 मई 2025 को ही इस कंपनी की कार्यशैली को देखते हुए इसे ब्लैकलिस्ट कर दिया था. इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर जून 2025 से यह कंपनी राज्य में लगातार परीक्षाएं आयोजित कराती रही. फिलहाल CID टीम डिजिटल साक्ष्यों और कंपनी के डेटाबेस को खंगालने में जुटी है, जिससे कई बड़े चेहरों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है.

