Religion News: हिंदू धर्म में फाल्गुन अमावस्या का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन पवित्र स्नान, दान-पुण्य और पितरों के लिए तर्पण करने की परंपरा है. मान्यता है कि इन कर्मों से पितरों का आशीर्वाद मिलता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है. फाल्गुन मास की अमावस्या को खास तौर पर पुण्यदायी माना गया है. ऐसे में आज जानिए कब है फाल्गुन अमावस्या और क्या है शुभ मुहूर्त.
फाल्गुन अमावस्या का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित होती है. इस दिन पितृलोक से पितर धरती पर आते हैं और अपनी संतान द्वारा किए गए तर्पण व दान को स्वीकार करते हैं. ऐसे में जो लोग इस दिन श्रद्धा के साथ पितरों की पूजा करते हैं, उन्हें जीवन में कम बाधाओं का सामना करना पड़ता है. वहीं, जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष होता है, उनके लिए फाल्गुन अमावस्या पर पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध करना विशेष फलदायी माना जाता है. ऐसा करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलने और जीवन में चल रही परेशानियां कम होने की मान्यता है.
फाल्गुन अमावस्या 2026 की तिथि
इस साल फाल्गुन अमावस्या 16 नहीं, बल्कि 17 फरवरी को पड़ेगी. इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से घर में सुख, शांति और धन-समृद्धि आती है. इस अमावस्या पर अन्न, धन, काले तिल और वस्त्रों का दान करना भी अत्यंत पुण्यकारी माना गया है. इन दानों से पितर प्रसन्न होते हैं और अपनी संतानों पर कृपा बनाए रखते हैं.
फाल्गुन अमावस्या 2026 शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की अमावस्या तिथि 16 फरवरी को शाम 5 बजकर 34 मिनट से शुरू होगी. यह तिथि 17 फरवरी को सुबह 5 बजकर 30 मिनट तक रहेगी. पवित्र स्नान और दान के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 35 मिनट से 6 बजकर 25 मिनट तक रहेगा. वहीं, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 37 मिनट से 1 बजकर 23 मिनट तक रहेगा. ये दोनों समय स्नान, दान और पितरों के लिए किए जाने वाले कर्मों के लिए शुभ माने जाते हैं.
फाल्गुन अमावस्या पर क्या करें?
फाल्गुन अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें. इसके बाद पितरों के नाम से जल, काले तिल और कुश से तर्पण करें. जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और धन का दान करें. यदि संभव हो तो श्राद्ध और पिंडदान भी करें.
मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से किए गए कर्म पितरों को मोक्ष प्रदान करते हैं और उनके आशीर्वाद से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है. इसलिए फाल्गुन अमावस्या को पितरों को प्रसन्न करने का उत्तम अवसर माना जाता है.
