NewsWave Desk : खरीफ सीजन और अल नीनो के असर को लेकर पीएमओ में उच्चस्तरीय बैठक हुई. बैठक पीएम नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव डॉ पीके मिश्रा की अध्यक्षता में हुई. इस दौरान अन्य विभागों की संचालित योजनाओं की समीक्षा भी की गयी. इस बैठक में मौसम विभाग के महानिदेशक ने बताया कि गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मानसून 10 दिन की देरी से पहुंचा है. 7 जुलाई तक हुई बारिश के बाद देशभर में वर्षा की कमी घटकर माइनस 12 प्रतिशत रह गई है. उन्होंने बताया कि जुलाई के पहले सप्ताह में सामान्य से बेहतर बारिश दर्ज की गई है. उन्होंने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है क्योंकि जुलाई में पूरे मानसून की 30 प्रतिशत से अधिक बारिश होती है.
राज्यों के साथ हो रही साप्ताहिक बैठके
इस दौरान कृषि सचिव ने खरीफ फसलों पर अल नीनो के संभावित प्रभाव से निपटने के लिए की गई तैयारियों की जानकारी दी. सचिव ने बताया कि राज्यों के साथ क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप की साप्ताहिक बैठकें आयोजित की जा रही है. जिनमें वर्षा, जलाशयों का जलस्तर, बुआई, कृषि इनपुट, बाजार की स्थिति और कीट एवं रोगों की निगरानी की जा रही है.

देश में 262 संवेदनशील जिले
उन्होंने बताया कि देश के 262 संवेदनशील जिलों के लिए जिला कृषि आकस्मिक योजना को अपडेट किया गया है. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने कृषि विज्ञान केंद्रों के लिए भारतीय कृषि में एल नीनो जोखिम प्रबंधन संबंधी मानक संचालन प्रक्रिया भी जारी की है. इस दौरान बताया गया कि जलवायु अनुकूल फसल किस्मों और नई तकनीकों की बदौलत कम वर्षा के बावजूद पिछले वर्षों में खाद्यान्न उत्पादन स्थिर बना हुआ है.
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