Palamu : जिले के मेदिनीनगर स्थित प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान ‘जिला CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ जिला स्कूल से एक बेहद हैरान और विचलित करने वाला मामला सामने आया है. शिक्षा के इस पावन मंदिर में बच्चों को मर्यादा और अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाले गुरु जी खुद ही सारी सीमाएं लांघ गए. स्कूल परिसर के भीतर ही एडमिशन में गड़बड़ी और पैसों के लेनदेन के विवाद को लेकर प्रभारी प्राचार्य और शिक्षकों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते एक बड़े विवाद में बदल गई. इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.
हाई वोल्टेज ड्रामा, वीडियो में लड़ते दिखे शिक्षक
यह पूरी घटना तीन दिन पूर्व यानी शुक्रवार की बताई जा रही है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह प्रभारी प्राचार्य के साथ स्कूल के एक शिक्षक पहले बहस करते नजर आ रहे हैं, और देखते ही देखते सभी शिक्षक मिलकर प्रभारी प्राचार्य के साथ लड़ते और उलझते हुए दिखाई दे रहे हैं. शिक्षा के इस सर्वोच्च संस्थान में हुई इस घोर अनुशासनहीनता को देखकर परिसर में मौजूद लोग और छात्र दंग रह गए. ऐसे में यह बड़ा सवाल लाजिमी है कि अगर शिक्षक ही आपस में इस तरह लड़ेंगे, तो बच्चों पर इसका क्या असर पड़ेगा और वे उन्हें क्या शिक्षा देंगे?

यहां देखें वीडियो
https://www.instagram.com/reel/DaZuJ1Hhutm/?utm_source=ig_web_button_share_sheet
विवादों से पुराना नातापिछले साल लगा था छेड़खानी का गंभीर आरोप
वही आपको बताते चलें कि इस स्कूल का विवादों से पुराना नाता रहा है. इससे पूर्व पिछले वर्ष 14 अगस्त 2025 को इसी स्कूल के एक शिक्षक पर छात्राओं के साथ छेड़खानी करने का भी बेहद गंभीर आरोप लगा था. वह शिक्षक अभी भी इसी स्कूल में कार्यरत हैं, और अब इस घटना के बाद स्कूल की साख और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं.
सभी शिक्षकों ने डीसी से की शिकायत, जांच कमेटी गठित
इस पूरे हाई वोल्टेज ड्रामे और विवाद के बाद स्कूल के सभी शिक्षकों ने एकजुट होकर इस पूरे मामले की लिखित शिकायत DC से की है. मामले की गंभीरता और स्कूल की गरिमा को देखते हुए DC ने तुरंत संज्ञान लिया है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एक जांच कमेटी का गठन कर दिया है. अब देखना बेहद अहम होगा कि सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होने और प्रशासनिक जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद, इस तरह मर्यादा तार-तार करने वाले जिम्मेदार लोगों पर प्रशासन क्या कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करता है.
Also Read : झारखंड में डिजिटल शिक्षा को मिलेगा नया आयाम, हर प्रमंडल में बनेंगे आधुनिक स्टूडियो


