News Wave desk : देश भर में साइबर अपराध काफी तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में बढ़ते साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी और मानव तस्करी जैसे अपराधों ने जांच एजेंसियों के सामने चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. ऐसे साइबर अपराध से निपटने के लिए सरकार ने अभिज्ञान ऐप लॉन्च किया है. ऐप एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है. ऐप की मदद से जांच एजेंसियां अपराध से जुड़े जरूरी रिकॉर्ड और जानकारियां बेहद कम समय में हासिल कर सकती हैं. इससे न केवल जांच की रफ्तार बढ़ेगी बल्कि अलग-अलग एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल भी स्थापित हो सकेगा. पहले अलग अलग विभागों और डेटाबेस से जानकारी ढूंढने में समय लगता था. लेकिन अब इस ऐप के जरिये एक ही जगह से आसानी से उपलब्ध होगी.
फिंगरप्रिंट से लेकर अपराधियों के प्रोफाइल
इस ऐप के जरिये फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड, अपराधियों के प्रोफाइल, मानव तस्करी से जुड़े नेटवर्क और अन्य महत्वपूर्ण अपराध संबंधी डेटा उपलब्ध कराया जाता है. साथ ही ऐप बड़े पैमाने पर मौजूद डेटा का विश्लेषण कर जांच अधिकारियों को केस सॉल्व करने में भी काफी मदद करता है. प्लेटफॉर्म अपराध के पैटर्न को समझने में भी मदद करेगा. डेटा विश्लेषण के जरिए ऐसे क्षेत्रों या एक्टिविटीज की पहचान की जा सकेगी जहां भविष्य में अपराध होने की संभावना ज्यादा है. इससे पुलिस पहले से ही जरूरी कदम उठा सकेगी.

आम जन को क्या है फायदा
अभिज्ञान का लाभ केवल पुलिस विभाग तक सीमित नहीं है. बल्कि आम लोगों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा. इस ऐप की मदद से अपराध का विश्लेषण पहले की तुलना में ज्यादा बेहतर होगा और जांच भी तेजी से होगी. जिससे बार-बार अपराध करने वाले अपराधियों की पहचान जल्दी हो सकेगी. अपराधों को रोकने के लिए समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी. ऐप की मदद से मामलों की जांच तेजी से पूरी होगी. जिससे पीड़ितों और उनके परिवारों को ज्यादा लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उन्हें जल्दी ही न्याय भी मिल सकेगा.
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