Ranchi: दुर्घटना में घायल लोगों को भी इंश्योरेंस कंपनी मुआवजा देती है, बशर्ते धक्का लगने के बाद पीड़ित व्यक्ति संबंधित थाना में धक्का मारने वाले वाहन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराये. मामला मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) में आने और कुछ दिन के सुनवाई के बाद पीड़ित को हर हालत में मुआवजा मिलता ही है. हालांकि इसके लिए यह आवश्यकत है कि जिस वाहन से धक्का लगा है उसका इंश्योरेंस होना चाहिए, वह थर्ड पार्टी इंश्योरेंस होने से पीड़ित को मुआवजा मिलता है. ऐसा ही एक फैसला राजधानी के सिविल कोर्ट के एमएसीटी कोर्ट ने सुनाया है. नामकुम थाना क्षेत्र निवासी पूजा देवी को 10,52,777 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया.यह आदेश एमएसीटी के अतिरिक्त पीओ मनोज कुमार त्रिपाठी की अदालत ने पारित किया.
2021 के सड़क हादसे में महिला हुई थीं गंभीर घायल
अदालत ने ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को तीन माह के भीतर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित राशि भुगतान करने का निर्देश दिया है. मामला 1 दिसंबर 2021 का है. दावा के अनुसार, पूजा देवी अपने पुत्र अर्शित राज के साथ किराना सामान खरीदने गई थीं. इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने दोनों को टक्कर मार दी. हादसे में पुत्र की मौत हो गई, जबकि पूजा देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं. इलाज के दौरान उन्हें 50 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता हुई. अदालत ने माना कि दुर्घटना ट्रक चालक की लापरवाही से हुई तथा ट्रक का इंश्योरेंस था. मेडिकल दस्तावेज, एफआईआर, चार्जशीट और दिव्यांगता प्रमाण के आधार पर अदालत ने मुआवजा स्वीकृत किया और महिला को मुआवजा मिला.

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