Hazribagh: श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा बाजार मंदिर में शुक्रवार को आयोजित धर्मसभा में मुनि श्री भाव सागर जी महाराज ने शराब और अन्य नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए लोगों से इससे दूर रहने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए विनाशकारी है.

“शराब से किस्तों में मिलती है मौत”
धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री ने कहा कि शराब इंसान को धीरे-धीरे अंदर से खत्म कर देती है. इसके कारण परिवारों में कलह, तनाव और टूटन बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि शराब पीने वाला व्यक्ति केवल अपना ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार का जीवन प्रभावित कर देता है.
युवा पीढ़ी का भविष्य खतरे में
मुनि श्री ने कहा कि आज युवा वर्ग तेजी से नशे की गिरफ्त में आ रहा है, जो चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि जब युवा भटकते हैं तो देश का भविष्य भी प्रभावित होता है. नशे की लत युवाओं की सोच, स्वास्थ्य, शिक्षा और करियर पर नकारात्मक प्रभाव डालती है.
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आध्यात्मिक जीवन अपनाने का आह्वान
उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहकर आध्यात्मिक जीवन अपनाने की अपील की. मुनि श्री ने कहा कि भगवान की भक्ति और धर्म आराधना व्यक्ति को आत्मिक शांति, सकारात्मक सोच और जीवन में सही दिशा प्रदान करती है, जबकि नशा उसे पतन की ओर ले जाता है.
धर्मसभा में धर्म आराधना पर भी दिया संदेश
इस अवसर पर आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज भी उपस्थित रहे. उन्होंने कहा कि मंदिर में प्रवेश करने के बाद व्यक्ति को सांसारिक चिंताओं को छोड़कर पूर्ण श्रद्धा और एकाग्रता के साथ धर्म आराधना करनी चाहिए.
कार्यक्रम के दौरान महाआरती, जाप, भक्ति, मांगलिक क्रियाएं एवं मुनि सेवा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया.
