Ranchi: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा इबोला वायरस को सार्वजनिक स्वास्थ्य आपदा घोषित किया गया है. यह घातक बीमारी फिलहाल अफ्रीका में तेजी से फैल रही है. यह वायरस मुख्य रूप से जंगली जानवरों से मनुष्य में फैलता है, वहीं संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थ जैसे रक्त, पसीना और लार के संपर्क से भी संक्रमण फैलने की आशंका रहती है.
भारत सरकार ने भी इबोला वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए अलर्ट जारी किया है. कई राज्यों में इसके लक्षणों की जांच के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. झारखंड में भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है. स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने समीक्षा बैठक कर कई गाइडलाइन जारी किए हैं. फिलहाल इबोला वायरस की जांच के लिए बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर विशेष टीम गठित की गई है. ट्रैवल हिस्ट्री के साथ आने वाले लोगों की जांच की जा रही है.

झारखंड में फिलहाल कोई मामला नहीं
रिम्स के माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि हर स्थिति से निपटने के लिए तैयारी की गई है. फिलहाल झारखंड में इबोला वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है. उन्होंने बताया कि इसकी जांच के लिए फिलहाल पुणे के NIB में ही व्यवस्था उपलब्ध है.
सिविल सर्जन प्रभात कुमार ने बताया कि बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर विशेष रूप से अफ्रीका की ट्रैवल हिस्ट्री वाले लोगों की जांच की जा रही है. उन्होंने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि इबोला का मृत्यु दर लगभग 50 प्रतिशत से अधिक है.
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इबोला वायरस के प्रमुख लक्षण
- बुखार आना
- तीव्र कमजोरी और मांसपेशियों में दर्द
- गला खराब होना
- उल्टी और दस्त
- शरीर पर खरोंच या चकत्ते
- यकृत और गुर्दे की कार्यक्षमता में कमी
