Ranchi: झारखंड में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच सत्ताधारी महागठबंधन ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है. मुख्यमंत्री आवास में बुधवार को लगातार दूसरे दिन हुई महागठबंधन दल के विधायकों की बैठक रणनीतिक रूप से बेहद सफल रही. इस हाई-प्रोफाइल बैठक का सबसे सकारात्मक पहलू यह रहा कि मतदान के अभ्यास (मॉक पोल) में डाले गए सभी वोट पूरी तरह 'वैध' पाए गए, जिसने गठबंधन के खेमे में उत्साह और आत्मविश्वास को दोगुना कर दिया है. मतदान से ठीक पहले झारखंड की सियासत में संकेत, संदेश और सस्पेंस का दिलचस्प त्रिकोण देखने को मिल रहा है.
यह भी पढ़ें: दो IAS अधिकारियों का तबादला: रंजीत कुमार लाल मेदिनीनगर और सुलोचना मीना को देवघर नगर निगम के नगर आयुक्त की जिम्मेवारी
मॉक पोल में जेएमएम को 29 और कांग्रेस को 26 वोट
बैठक के दौरान विधायकों को मतदान प्रक्रिया की बारीकियों से रूबरू कराने के लिए मॉक पोल का आयोजन किया गया. चुनाव आयोग के कड़े निर्देशों को ध्यान में रखते हुए कराए गए इस अभ्यास में जेएमएम के खाते में 29 और कांग्रेस के खाते में 26 वोट पड़े. राहत और खुशी की बात यह रही कि तकनीकी रूप से एक भी वोट खारिज नहीं हुआ. विधानसभा अध्यक्ष के संवैधानिक पद पर आसीन होने के कारण रवींद्रवनाथ महतो इस मॉक पोल का हिस्सा नहीं बने. वे सीधे गुरुवार को अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. वहीं हेमलाल मुर्मू की अचानक तबीयत खराब होने की वजह से वे बैठक में शामिल नहीं हो सके. हालांकि, उन्होंने अस्वस्थ होने की सूचना नेतृत्व को पहले ही दे दी थी.
विपक्ष में बेचैनी, दिल्ली से बुला रहे वकीलों की टीमः राधाकृष्ण किशोर
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने महागठबंधन की एकजुटता पर अटूट भरोसा जताते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि गठबंधन के सभी 56 विधायक पूरी तरह एकजुट हैं और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत मतदान के लिए तैयार हैं. किशोर ने तंज कसते हुए कहा, विपक्ष की बेचैनी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे अब दिल्ली से वकीलों की टीम बुलाने की चर्चाएं कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें अपनी हार साफ दिख रही है.
‘पांच आम’ और इरफान अंसारी का सस्पेंस
इस चुनावी माहौल में सस्पेंस का तड़का लगाते हुए कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने कल्पना सोरेन के हालिया सोशल मीडिया पोस्ट का जिक्र किया. पोस्ट में दिखे ‘पांच आम’ की ओर इशारा करते हुए अंसारी ने मुस्कुराते हुए कहा कि वे उन पांचों ‘खास’ लोगों को तलाशने निकले हैं, लेकिन उनका नाम अभी उजागर नहीं करेंगे. उनके इस बयान ने सियासी गलियारों में कयासों का बाजार गर्म कर दिया है.
यह भी पढ़ें: मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया पर जेएमएम के सवाल, चुनाव आयोग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग
गुरुवार सुबह 10 बजे एक साथ विधानसभा कूच की तैयारी
रणनीति के मुताबिक, महागठबंधन के सभी विधायक एकजुटता का संदेश देने के लिए गुरुवार सुबह 10 बजे एक साथ विधानसभा पहुंचेंगे. अब सबकी नजरें विधानसभा के मतदान कक्ष और उसके बाद आने वाले नतीजों पर टिकी हैं कि क्या यह एकजुटता नतीजों में भी वैसी ही दिखती है.



