Gumla: गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुमला लायंस क्लब की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में 500 से अधिक गरीब और जरूरतमंद लोगों को भंडारे का प्रसाद खिलाया गया. आयोजन के दौरान लोगों ने मानव सेवा को समाज के प्रति सबसे बड़ा दायित्व बताया. कार्यक्रम की शुरुआत प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की शांति दीदी को गुरु मानते हुए लायंस क्लब के सदस्यों द्वारा सम्मानित कर की गई. सदस्यों ने शांति दीदी को शॉल ओढ़ाकर सम्मान दिया और समाज के लिए उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की.
मानव सेवा ही सबसे बड़ी पूजा
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि समाज में ऐसे कई लोग हैं, जो आर्थिक और सामाजिक परेशानियों से जूझ रहे हैं. ऐसे जरूरतमंद लोगों की मदद करना ही सच्ची सेवा है. उन्होंने कहा कि समाज के प्रति अपने दायित्वों को निभाना भी एक तरह की पूजा है. लायंस क्लब के सदस्य संजय अग्रवाल ने कहा कि आज के समय में लोग एक-दूसरे से दूर होते जा रहे हैं, जिससे सामाजिक समरसता प्रभावित हो रही है. यदि सभी लोग सहयोग और सेवा की भावना के साथ आगे आएं तो समाज को बेहतर दिशा मिल सकती है.
सेवा भावना से मजबूत होता है समाज
लायंस क्लब के अध्यक्ष पदम साबू ने कहा कि हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह अपने आसपास रहने वाले जरूरतमंद लोगों की मदद करे. उन्होंने कहा कि सामाजिक सेवा से ही व्यक्ति की पहचान बनती है और समाज में सकारात्मक बदलाव आता है. उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों को सहयोग और अपनापन देने से समाज में भाईचारा और मानवता की भावना मजबूत होती है.
शांति दीदी ने दिया सेवा का संदेश
प्रजापिता ईश्वरीय विश्वविद्यालय की संचालिका शांति दीदी ने कहा कि मानव सेवा ही सबसे बड़ी पूजा है. उन्होंने कहा कि धन से ज्यादा महत्वपूर्ण सेवा भावना है. यदि व्यक्ति दूसरों के सुख-दुख में साथ खड़ा होता है तो उसका जीवन सार्थक बनता है. उन्होंने लोगों से समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील रहने और सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ने की अपील की. कार्यक्रम में लायंस क्लब के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे. गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस सेवा कार्यक्रम ने समाज में मानवता, सहयोग और समर्पण का संदेश दिया.
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