Ranchi: टीबी को खत्म करने के लिए चलाए जा रहे 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान के तहत आज रांची के उलीडीह क्षेत्र के एक हाई रिस्क गांव में विशेष जांच शिविर लगाया गया. शिविर का आयोजन राष्ट्रीय यक्ष्मा रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत किया गया. शिविर में 110 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई. जांच के दौरान टीबी के लक्षण मिलने पर 52 लोगों का हैंड एक्स-रे किया गया, जिनमें 30 पुरुष और 22 महिलाएं शामिल थीं. जांच के बाद 2 लोगों में टीबी की आशंका पाई गई. इन दोनों को आगे की पुष्टि के लिए बलगम (स्प्यूटम) की जांच कराने के लिए सैंपल कंटेनर दिया गया, ताकि समय पर जांच पूरी होने के बाद जरूरत पड़ने पर इलाज शुरू किया जा सके.
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यदि समय पर हो टीबी का इलाज तो बीमारी हो जाएगी ठीक
शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को टीबी के लक्षण, समय पर जांच और पूरा इलाज कराने के महत्व के बारे में भी जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि अगर टीबी का समय रहते पता चल जाए और मरीज नियमित दवा ले, तो यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है. यह शिविर सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार और जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. एस. बास्की के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया. इसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, एक्स-रे तकनीशियन, सहिया और सहिया साथियों ने सक्रिय भूमिका निभाई.
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