Ranchi: एसएसआर मेडिकल कॉलेज, मॉरीशस से जुड़े बहुचर्चित मामले में रांची सिविल कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए कॉलेज के अध्यक्ष रुद्र प्रताप नारायण सिंह और सचिव रणजीत कौर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है. कोर्ट के इस आदेश के बाद दोनों आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. अपर न्यायायुक्त देवाशीष महापात्र की अदालत में सुनवाई पूरी होने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया गया था. गुरुवार को फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने दोनों की एबीपी (अग्रिम जमानत) याचिका खारिज कर दी. दोनों आरोपी गिरफ्तारी वारंट से बचने के लिए प्रधान न्यायायुक्त की अदालत में पहुंचे थे.
छात्र की शिकायत पर दर्ज है मामला
मामला अरगोड़ा थाना क्षेत्र का है, जहां रांची निवासी अजय कुमार ने दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है. शिकायत में आरोप लगाया गया है, कि वर्ष 2018 में मेडिकल कॉलेज ने आकर्षक विज्ञापन देकर जरूरत से अधिक छात्रों का एमबीबीएस में नामांकन लिया. पीड़ित पक्ष का कहना है कि पढ़ाई के दौरान छात्रों को प्रताड़ित कर कॉलेज छोड़ने के लिए मजबूर किया गया. नामांकन के समय करीब 50 लाख रुपये वसूले गए. इतना ही नहीं, क्लास के दौरान भी स्टाफ के माध्यम से छात्रों को परेशान किया जाता था.
एग्जाम में बैठने से रोका, वसूली का आरोप
प्राथमिकी में यह भी आरोप है कि परीक्षा से पहले 44-45 छात्रों को फेल घोषित कर एग्जाम में बैठने नहीं दिया गया. वहीं प्री-यूनिवर्सिटी परीक्षा में बैठने के लिए 3000 डॉलर की वसूली भी की गई.
कोर्ट ने जारी किया इश्तहार
मामले में दोनों आरोपियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए न्यायिक दंडाधिकारी एमके सिंह की अदालत ने पहले ही इश्तहार जारी कर दिया है. जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने मॉरीशस में मेडिकल कॉलेज स्थापित किया है, जबकि इसका कार्यालय दिल्ली में संचालित होता है.
हाई कोर्ट में भी मामला लंबित
दर्ज प्राथमिकी को निरस्त कराने के लिए आरोपियों की ओर से झारखंड हाई कोर्ट में क्वैशिंग याचिका भी दायर की गई है, जिस पर अभी सुनवाई लंबित है.
