Hazaribagh: चुरचू में भुइयां समाज का प्रदर्शन, जमीन के कथित अवैध हस्तांतरण और योजनाओं में भेदभाव का आरोपप्रखंड स्तरीय भुइयां समाज के बैनर तले मंगलवार को चुरचू प्रखंड मुख्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन में भुइयां समाज के महिला-पुरुषों ने बड़ी संख्या में भाग लिया. समाज के लोगों ने अंचल कार्यालय में जमीनों के कथित अवैध हस्तांतरण, रैयती जमीन पर दूसरे लोगों के नाम रसीद काटे जाने और सरकारी एवं जनकल्याणकारी योजनाओं में भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया. इस दौरान अंचल कार्यालय के खिलाफ नारेबाजी भी की गई.

22 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा
प्रदर्शन के बाद भुइयां समाज की ओर से 22 सूत्री मांगों का ज्ञापन संबंधित पदाधिकारी को सौंपा गया. ज्ञापन में भुइयां समाज के बच्चों और रैयतों को तत्काल जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की गई. गरीब परिवारों तथा कच्चे मकान में रहने वाले लोगों को अबुआ आवास और प्रधानमंत्री आवास योजना में प्राथमिकता देने की मांग भी रखी गई.
पेंशन और स्वरोजगार योजनाओं में प्राथमिकता की मांग
समाज ने वृद्ध एवं विधवा महिलाओं को पेंशन योजनाओं से जोड़ने की मांग की. इसके अलावा मुर्गीपालन, सूकरपालन और बकरीपालन के लिए शेड सहित अन्य योजनाओं में भी समाज के पात्र लोगों को प्राथमिकता देने की मांग की गई.
अंचल कर्मियों पर भेदभाव का आरोप
भुइयां समाज ने अंचल अधिकारी, हल्का कर्मचारी और निरीक्षक पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए संबंधित कर्मियों के तबादले की मांग की. समाज के रैयतों की खतियानी जमीन पर अन्य लोगों के नाम कथित रूप से अवैध तरीके से रसीद काटने पर रोक लगाने तथा गैरमजरुआ खास भूमि पर लंबे समय से काबिज भुइयां समाज के लोगों को जमाबंदी देने की मांग भी की गई.
कई गांवों की जमीन से जुड़े मामलों का ज्ञापन में उल्लेख
ज्ञापन में जरबा, हरहद, चरही, चनारो, इन्दरा, जमडीहा और चीचीकलां समेत विभिन्न गांवों की जमीन से जुड़े मामलों का उल्लेख किया गया है. समाज ने कई मामलों में दूसरे लोगों द्वारा कथित अवैध कब्जा किए जाने और अंचल स्तर पर रसीद निर्गत किए जाने का आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की. न्यायालय में विचाराधीन जमीन संबंधी मामलों में किसी भी प्रकार की म्यूटेशन या रसीद निर्गत करने की कार्रवाई तत्काल रोकने की मांग भी की गई.
सरना स्थल को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग
भुइयां समाज ने पूर्व अंचल अधिकारी शशिभूषण सिंह के कार्यकाल में समाज से संबंधित मामलों में दिए गए आदेशों की समीक्षा कर उन्हें निरस्त करने की मांग रखी. इसके अलावा जरबा स्थित सरना स्थल को अतिक्रमण मुक्त कराने, इन्दरा के कोठियाटांड़ टोला में जलमीनार और पेयजल की व्यवस्था करने तथा विभिन्न गांवों में जमीन से संबंधित विवादों की निष्पक्ष जांच कर समाधान कराने की मांग की गई. प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष विजय भुइयां, प्रखंड अध्यक्ष बिनोद राम, सचिव विनोद भुइयां, मां शबरी संघ के संस्थापक रोहित राम, पूर्व मुखिया रूपलाल राम, राजेश राम, दिनेश भुइयां, मुकेश भुइयां, सुधीर राम, राजू राम, सुमित राम, अनिल भुइयां, बसंत राम, मनोज कुमार, महेंद्र भुइयां सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद थे.
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