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टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन के बाद BCCI सख्त, कप्तान के साथ हेड कोच का लेगें क्लास

Newswave Desk: T20 सीरीज में टीम इंडिया लगातार दो सीरीज हार चुकी है. बता दें, श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पहले आयरलैंड...

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BCCI gets tough after Team India's poor performance

Newswave Desk: T20 सीरीज में टीम इंडिया लगातार दो सीरीज हार चुकी है. बता दें, श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पहले आयरलैंड और फिर इंग्लैंड के खिलाफ भारत को हार का सामना करना पड़ा. पिछले दो सीरीज में भारतीय टीम का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है. यही वजह है कि अब BCCI हरकत में आ गया है और खिलाड़ियों, कप्तान व कोचिंग स्टाफ के प्रदर्शन का विश्लेषण किया जाएगा. हालांकि, गौतम गंभीर का कोचिंग कॉन्ट्रैक्ट 2027 तक है, लेकिन लगातार खराब प्रदर्शन के बाद उनके पद पर भी सवाल उठने लगे हैं.

27 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा

लगातार दो सीरीज हारने के बाद BCCI कप्तान श्रेयस अय्यर, हेड कोच गौतम गंभीर और पूरे कोचिंग स्टाफ के प्रदर्शन का आकलन करेगा. ब्रिस्टल का मैदान, जिसे टीम इंडिया के लिए बेहद लकी माना जाता था, वहां भी 10 जुलाई को 27 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ-साथ कोचिंग स्टाफ की भूमिका और उनकी कमियों की भी समीक्षा की जाएगी.

हेड कोच गौतम गंभीर का कॉन्ट्रैक्ट भले ही 2027 तक हो, लेकिन एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक टीम के हालिया प्रदर्शन के बाद उनकी भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. चौथे टी20 में भारत को इंग्लैंड के खिलाफ 9 विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा. यह बतौर कप्तान श्रेयस अय्यर की लगातार पांचवीं हार और लगातार दूसरी टी20 सीरीज हार रही.

इससे पहले हालात तब और खराब हुए थे, जब आयरलैंड ने भारत को टी20 सीरीज में क्लीन स्वीप कर दिया था. खास बात यह रही कि इससे पहले आयरलैंड भारत के खिलाफ किसी भी फॉर्मेट में एक भी मैच नहीं जीत पाया था. ऐसे में BCCI के फैसले पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि बोर्ड ने टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर को कप्तानी सौंपी थी, जो पिछले तीन साल से टी20 टीम का नियमित हिस्सा भी नहीं थे.

कप्तान के बयान से मचा बवाल

चौथे टी20 में हार के बाद श्रेयस अय्यर ने टीम के प्रदर्शन को “ट्रांजिशन फेज” का हिस्सा बताया. उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई. कई लोगों का कहना है कि मौजूदा टीम में ज्यादातर खिलाड़ी अनुभवी हैं, इसलिए इसे ट्रांजिशन फेज कहना सही नहीं माना जा सकता. अब सभी की नजर BCCI के फैसले पर है कि लगातार दो सीरीज हारने के बाद कार्रवाई की गाज आखिर किस पर गिरती है.

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