Pakur: झारखंड के पाकुड़ जिले में अवैध खनन और पत्थर तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है. फर्जी चालान के सहारे बड़े पैमाने पर पत्थरों की ढुलाई कर उन्हें बिहार और पश्चिम बंगाल तक पहुंचाया जा रहा है. इस पूरे खेल में यूसुफ और सरीफ नाम के लोगों की भूमिका भी जांच में सामने आई है.
बाबूलाल मरांडी ने लगाया आरोप, अवैध खनन में बड़े स्तर पर मिलीभगत
इस मुद्दे को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह सिर्फ तस्करों का काम नहीं है, बल्कि इसमें बड़े स्तर पर मिलीभगत की आशंका है. मरांडी ने साफ कहा कि बिना पुलिस प्रशासन और सत्ता के संरक्षण के इतना बड़ा अंतरराज्यीय खेल संभव नहीं है.
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अवैध खनन से न सिर्फ सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंच रही है. इससे आने वाली पीढ़ियों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो सकता है.
पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करने की मांग
मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला भी साहिबगंज पत्थर घोटाले की तरह बड़ा रूप ले सकता है और इसकी जांच की आंच ऊपर तक पहुंच सकती है.
उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और पाकुड़ में अवैध खनन व परिवहन पर रोक लगाने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जाए.
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