JPSC पर धांधली के आरोपों को लेकर BJP युवा मोर्चा का आक्रोश प्रदर्शन, पारदर्शिता की उठी मांग

Ranchi: भारतीय जनता युवा मोर्चा ने झारखंड लोक सेवा आयोग पर परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मंगलवार को...

. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और अभ्यर्थी शामिल हुए.

Ranchi: भारतीय जनता युवा मोर्चा ने झारखंड लोक सेवा आयोग पर परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मंगलवार को जोरदार आक्रोश प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और अभ्यर्थी शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि आयोग की कार्यप्रणाली से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.

रात 2 बजे रिजल्ट जारी करने पर सवाल

प्रदर्शन के दौरान BJYM नेताओं ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या परिस्थिति थी कि JPSC को परीक्षा परिणाम रात करीब 2 बजे जारी करना पड़ा. उनका कहना था कि परिणाम जारी करने का समय संदेह पैदा करता है और आयोग को इस संबंध में सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देना चाहिए.

खाली उत्तर पुस्तिकाओं में धांधली का आरोप

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में खाली उत्तर पुस्तिकाओं को जमा दिखाकर बाद में कथित रूप से पैसों के बदले उसमें हेरफेर की गई. उन्होंने इस पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.  हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और JPSC की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

कट-ऑफ जारी करने की मांग

BJYM ने आयोग से परीक्षा का कट-ऑफ सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कट-ऑफ जारी होने से चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और अभ्यर्थियों के मन में उठ रहे सवालों का जवाब मिलेगा।

रिजल्ट रद्द करने की मांग

प्रदर्शन के दौरान भारतीय जनता युवा मोर्चा ने JPSC से इस बार जारी परीक्षा परिणाम को रद्द करने की मांग भी उठाई. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की कमी के कारण अभ्यर्थियों का भरोसा आयोग पर से उठ रहा है. BJYM का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि गड़बड़ी की पुष्टि होती है तो परिणाम रद्द कर नई प्रक्रिया के तहत परीक्षा एवं मूल्यांकन कराया जाए.

ALSO READ : कोडरमा: विद्यालय में शिक्षकों और भवन की भारी कमी, जर्जर कमरों में पढ़ने को मजबूर 1 से 8 तक के छात्र

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *