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बोकारो: आंदोलन की राह पर ग्रामीण, आक्रोशित लोगों ने भारी वाहनों के परिचालन को किया बंद

BSL एसजीपी गेट से तेनु नहर सड़क मार्ग पर भारी वाहनों के परिचालन पर अनिश्चितकालीन रोक Bokaro: तुपकाडीह के आदिवासी बहुल्य क्षेत्रों...

  • BSL एसजीपी गेट से तेनु नहर सड़क मार्ग पर भारी वाहनों के परिचालन पर अनिश्चितकालीन रोक

Bokaro: तुपकाडीह के आदिवासी बहुल्य क्षेत्रों बोदरोटांड़, झिकलोपा, बरुवाटांड़ और डुंगरीघुदू के निवासियों ने जिलाधिकारी और संबंधित कंपनी प्रबंधन के सुस्त रवैये के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया है. शुक्रवार को नहर सड़क मार्ग से भारी वाहनों के परिचालन को बंद कर दिया. ग्रामीणों का आरोप है कि तेनु नहर किनारे स्थित बीएसएल के एसजीपी गेट से तुपकाडीह नहर मार्ग पर भारी वाहनों के परिचालन से स्थानीय जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. 17 अप्रैल 2026 को प्रशासन को सड़क पर भारी वाहनों के परिचालन से ग्रामीणों को हो रही परेशानी को लेकर आवेदन दिया गया था. इसके बावजूद भी अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. नाराज ग्रामीणों ने कंपनी द्वारा संचालित स्लैग लाइन से जुड़ी भारी वाहनों के परिचालन को अनिश्चितकालीन रूप से बंद कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि आंदोलन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना या काम में बाधा उत्पन्न होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन एवं संबंधित कंपनियों (HG Infra, NG Projected, Nirman Ltd.) की होगी. इस दौरान वार्ड सदस्य संजय बेसरा, धीरेन सोरेन, बीरबल मरांडी, अजय हेंब्रम, जोगेंद्र सोरेन, राजन कर्मकार, मोहन कर्मकार, रसिक हेंब्रम, सुभाष सोरेन, बहादुर मांझी, बितोष टुड्डू, विश्वजीत सोरेन, गौतम कर्मकार, फागु मांझी, हीरालाल सोरेन, सूरज हेंब्रम सहित अन्य लोग मौजूद रहे.

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ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

ग्रामीणों ने बताया कि बिना तिरपाल ढकी हुई भारी स्लैग लदी गाड़ियों से सड़क पर गिरते बोल्डर और बड़े- बड़े गड्ढे खतरे का कारण बन गए हैं. टूटी-फूटी और जर्जर सड़क का असर रोजमर्रा की आवाजाही पर पड़ रहा है. खासकर स्कूली बच्चे, मजदूरों और बुजुर्गों की आवाजाही दुर्भर हो गया है. आए दिन चोटिल होने की घटनाएं बढ़ रही हैं. ग्रामीणों ने कहा कि नहर मार्ग पर भारी वाहनों के परिचालन पर तत्काल रोक लगाई जाए. वैकल्पिक परिवहन मार्ग का निर्धारण या मार्ग परिवर्तन की व्यवस्था हो. जर्जर सड़क की तत्काल मरम्मत और सुरक्षा प्रबंध दुरुस्त हो. जिला प्रशासन और संबंधित कंपनियों से इस दिशा में तत्काल उठाने की मांग की गयी.

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