रांची: नगर निगम की राजस्व शाखा की टीम ने शहर के कई वार्डों में व्यवसायिक और आवासीय भवनों की जांच की. यह जांच उन भवनों की हुई जिनके मालिकों ने होल्डिंग टैक्स के लिए जो जानकारी दी थी, उसकी सच्चाई जानने के लिए मौके पर मापी की गई. जांच के दौरान भवन का एरिया, उसका उपयोग (घर या दुकान), सड़क की चौड़ाई और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी चीजों की भी जांच की गई. इस दौरान कई जगहों पर वास्तविक एरिया और टैक्स में बड़ा अंतर पाया गया.
जांच में सामने आए प्रमुख मामले
वार्ड 45
-सृष्टि हॉस्पिटल में 12,000 वर्गफीट के हिसाब से टैक्स दिया जा रहा था, जबकि मापी में एरिया 22,870 वर्गफीट पाया गया.
-कौशल्या हेरिटेज में बैंक किराए पर होने और बेसमेंट पार्किंग का गलत दर से टैक्स भुगतान किया जा रहा था.
-एक अन्य भवन में 3,110 वर्गफीट के बदले 6,367 वर्गफीट एरिया पाया गया.
-एक भवन में 12,800 वर्गफीट के बदले 14,300 वर्गफीट निकला, जिसमें बेसमेंट गोदाम के रूप में इस्तेमाल हो रहा था.
वार्ड 35
-आरएसपी हाउस में 6,160 वर्गफीट के बदले 24,491 वर्गफीट एरिया पाया गया.
-छवि प्लाजा में आंशिक एरिया को आवासीय दिखाकर टैक्स दिया जा रहा था, जबकि पूरी इमारत व्यवसायिक पाई गई.
-हैमो कैपिटल में आवासीय और व्यवसायिक एरिया कम दिखाया गया था.
वार्ड 01
-होटल स्टे लीफ में आवासीय दर से टैक्स दिया जा रहा था, जबकि पूरा भवन व्यवसायिक निकला.
-सड़क की चौड़ाई भी कम दिखाई गई थी, जबकि जांच में ज्यादा पाई गई.
वार्ड 06
-वी-मार्ट में कम एरिया और कम सड़क चौड़ाई दिखाकर टैक्स दिया जा रहा था.
वार्ड 05
-कई भवनों में वास्तविक एरिया ज्यादा पाया गया.
-एक जगह पिछले 5 साल से लगा होर्डिंग टैक्स भी नहीं दिया जा रहा था.
