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IAS निधि खरे की सफलता की कहानी- अहिल्याबाई होल्कर रही हैं प्रेरणास्त्रोत

रांची: इस्पात की चौखट लांघ कर IAS बनना, फिर शासन-प्रशासन में बेहतर प्रदर्शन करते हुए लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाना और करियर में व्यापक एक्सपोजर हासिल करना—इन तमाम पड़ावों से गुजरकर मंजिल पाने के पीछे कहीं न कहीं कोई आदर्श जरूर होता है। झारखंड कैडर की 1992 बैच की वरिष्ठ IAS अधिकारी निधि खरे की प्रेरणास्त्रोत अहिल्याबाई होल्कर रही हैं।
निधि खरे कहती हैं कि अहिल्याबाई होल्कर को एक ऐसी महारानी के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने भारत के विभिन्न राज्यों में मानवता की भलाई के लिए अनेक कार्य किए। यही कारण है कि भारत सरकार और कई राज्य सरकारों ने उनकी प्रतिमाएं स्थापित करवाई हैं तथा उनके नाम पर कई कल्याणकारी योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं। उनके लोककल्याणकारी कार्य आज भी समाज और प्रशासनिक सेवा से जुड़े लोगों को प्रेरित करते हैं। वर्तमान में निधि खरे केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामले मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत हैं।

फिल्में भी करती हैं मार्गदर्शन

निधि खरे के अनुसार उन्हें सुभाष चंद्र बोस और अब्राहम लिंकन से भी प्रेरणा मिलती है। सुभाष चंद्र बोस के विचार आज भी उनके जेहन में गूंजते हैं। उन्हें समानांतर सिनेमा विशेष रूप से पसंद है। उनका मानना है कि फिल्में भी कहीं न कहीं जीवन में मार्गदर्शन करती हैं और गंभीर सिनेमा भटकाव नहीं पैदा करता।
उनकी पसंदीदा फिल्मों की सूची में अंकुर, मंथन, एक डॉक्टर की मौत, दो आंखें बारह हाथ और जंजीर शामिल हैं। इनमें अमिताभ बच्चन अभिनीत फिल्म जंजीर उन्हें विशेष रूप से पसंद है।

पंच परमेश्वर’ को बार-बार पढ़ना है पसंद

IAS अधिकारी निधि खरे कहती हैं कि किताबों से अधिक वफादार कोई मित्र नहीं हो सकता। पुस्तकों से प्राप्त ज्ञान जीवन भर साथ रहता है और उनका मूल्य रत्नों से भी अधिक होता है, क्योंकि वे अंत:करण को उज्ज्वल करती हैं तथा मानसिक विकास में सहायक होती हैं। वह आज भी समय निकालकर मुंशी प्रेमचंद, खलील जिब्रान, स्वामी विवेकानंद और डॉ. एस. राधाकृष्णन की रचनाएं पढ़ती हैं। प्रेमचंद की पंच परमेश्वर उनकी सबसे पसंदीदा कहानी है। इसके अलावा सोजे वतन, गोदान, कफन, निर्मला, गबन, ईदगाह, पूस की रात, नमक का दारोगा और शतरंज के खिलाड़ी भी उनकी प्रिय कृतियां हैं। खलील जिब्रान की The Broken Wings, Sand and Foam, Tears and Smile, The Wanderer तथा The Eye of the Prophet उन्हें बेहद पसंद हैं, लेकिन इन सबमें Mirror of the Soul को वह बार-बार पढ़ना पसंद करती हैं। वहीं स्वामी विवेकानंद और डॉ. राधाकृष्णन की पुस्तकें भी उन्हें निरंतर प्रेरित करती हैं।