Ramgarh: जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आ रही है. केंद्रीय सौंदा स्थित रीजनल वर्कशॉप में विजिलेंस (सतर्कता विभाग) की टीम ने अचानक छापेमारी कर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. इस छापेमारी के दौरान टीम ने वर्कशॉप के एक कर्मचारी, अरुण सिन्हा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है. सूत्रों के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर की जा रही अवैध वसूली से जुड़ी है.
ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर मांगी थी घूस:
जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए कर्मी अरुण सिन्हा पर दशरथ मांझी नामक एक व्यक्ति से ट्रांसफर और पोस्टिंग के एवज में मोटी रकम ऐंठने का आरोप है. बताया जा रहा है कि दशरथ मांझी की शिकायत पर विजिलेंस विभाग ने पहले ही मामले की सत्यता जांची और फिर आरोपी को दबोचने के लिए एक पुख्ता जाल बिछाया.

विजिलेंस ने रंगेहाथ दबोचा:
सूत्रों का कहना है कि विजिलेंस की टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाकर अरुण सिन्हा को कथित तौर पर उस समय रंगेहाथ धर दबोचा, जब वे दशरथ मांझी से नकद राशि स्वीकार कर रहे थे.जैसे ही पैसे का लेनदेन हुआ, मौके पर मुस्तैद विजिलेंस के अधिकारियों ने उन्हें रंगेहाथ पकड़ लिया. इस अचानक हुई छापेमारी से सेंट्रल सौंदा रीजनल वर्कशॉप के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है. विजिलेंस की टीम ने मौके पर जरूरी कागजात और सबूत खंगाले. शुरुआती पूछताछ के बाद अधिकारी आरोपी अरुण सिन्हा को अपने साथ लेकर रवाना हो गए. फिलहाल विजिलेंस की टीम इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और गहन पूछताछ में जुटी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं.


