लोन पास कराने के नाम पर घूसखोरी: सीबीआई ने एसबीआई एजेंट और बैंक मैनेजर के खिलाफ दर्ज किया मामला

Ranchi: झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) रांची ने स्टेट...

Ranchi: झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) रांची ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की सोनारी शाखा (जमशेदपुर) में हुए एक घूसखोरी के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है. यह मामला बैंक एजेंट शालित भक्त और एसबीआई सोनारी शाखा की मैनेजर जयाबाला बिरुआ के खिलाफ दर्ज किया गया है.

क्या है पूरा मामला?:

शिकायतकर्ता संदीप कुमार सोय (निवासी: सरायकेला-खरसावां) ने एसबीआई की सोनारी शाखा, जमशेदपुर से 25 लाख का पर्सनल लोन लिया था. लोन की राशि उनके सैलरी अकाउंट में ट्रांसफर भी कर दी गई थी. आरोप है कि लोन की राशि खाते में आने के बाद, एसबीआई एजेंट शालित भक्त ने बैंक मैनेजर जयाबाला बिरुआ के एवज में संदीप से 50 हजार की रिश्वत की मांग की. एजेंट ने धमकी दी कि यदि रिश्वत नहीं दी गई, तो शाखा प्रबंधक द्वारा उनका सैलरी अकाउंट होल्ड कर दिया जाएगा.

रिश्वत न देने पर फ्रीज किया अकाउंट

जब पीड़ित संदीप कुमार सोय ने यह अवैध रकम देने से इनकार कर दिया, तो कुछ ही दिनों बाद उनका सैलरी अकाउंट सचमुच फ्रीज कर दिया गया. इसके बाद, पीड़ित ने जब खाता दोबारा चालू करवाने के लिए एजेंट शालित भक्त से कई बार अनुरोध किया, तो एजेंट ने खाता अनफ्रीज करने के बदले मैनेजर के नाम पर 40 हजार की रिश्वत मांगी.

सीबीआई की गुप्त जांच में हुआ खुलासा

भ्रष्टाचार के आगे झुकने के बजाय, शिकायतकर्ता ने 29 मई को सीबीआई, एसीबी रांची में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलने पर सीबीआई के सब-इंस्पेक्टर विमल सिंह अधिकारी ने मामले की गुप्त रूप से पुष्टि की, जिसमें रिश्वत मांगने के आरोप पहली नज़र में सही पाए गए.

झारखंड सरकार ने दी जांच की मंजूरी

चूंकि मामला एक निजी बैंक एजेंट और लोक सेवक से जुड़ा था, इसलिए दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 की धारा 6 के तहत झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग से मामले की जांच के लिए औपचारिक सहमति मांगी गई थी. राज्य सरकार ने राज्यपाल के आदेश से 4 जून को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर सीबीआई को राज्य में इस मामले की जांच करने की पूर्ण मंजूरी दे दी. मंजूरी मिलने के बाद, सीबीआई एसीबी रांची ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7A के तहत केस नंबर RC0242026A0007) दर्ज कर लिया है. इस हाई-प्रोफाइल मामले की विस्तृत जांच का जिम्मा सीबीआई के इंस्पेक्टर तपेश पचौरी को सौंपा गया है. मामले की एफआईआर कॉपी और आवश्यक दस्तावेज कोर्ट को भेज दिए गए हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से जारी है.

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