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बजट सत्र: राज्य के सभी अस्पताल चकाचक हैं: सुरेश पासवान

रांची: विधानसभा के बजट सत्र के 11वें दिन सुरेश पासवान ने कहा कि राज्य के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी बने थे, लेकिन...

रांची: विधानसभा के बजट सत्र के 11वें दिन सुरेश पासवान ने कहा कि राज्य के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी बने थे, लेकिन उन्होंने गरीबों के लिए कोई योजना नहीं बनाई. उन्होंने कहा कि अब दोषारोपण करने और रोने से कुछ नहीं मिलने वाला है. विपक्ष हमेशा विरोध में ही बोलता है. उनका आरोप था कि भाजपा ने सिर्फ पूंजीपतियों के लिए योजनाएं बनाई.

अस्पतालों की व्यवस्था पर दिया बयान

सुरेश पासवान ने कहा कि राज्य के सभी अस्पताल चकाचक हैं. उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा शासनकाल में डोभा का निर्माण कराया गया, जिसमें 112 लोग गिरकर मर गए. उन्होंने केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे कहीं भी इलाज नहीं हो रहा है.

नए मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग

उन्होंने देवघर में डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग की. साथ ही दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नाम पर भी मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की बात कही.

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स्वास्थ्य योजनाओं की दी जानकारी

विधायक रामचंद्र सिंह ने कहा कि राज्य में 15 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है. हाईटेक एंबुलेंस की सुविधा भी दी जाएगी. मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना के तहत सहायता राशि पांच लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है. जिलों में डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. दाल-भात योजना को गुरुजी किचन के रूप में आधुनिक बनाया गया है और अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का विस्तार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए भी सरकार तैयार है.

108 एंबुलेंस व्यवस्था पर उठे सवाल

वहीं विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि 108 एंबुलेंस व्यवस्था सही ढंग से काम नहीं कर रही है. मुख्यमंत्री असाध्य रोग योजना के तहत राशि मिलने में देरी हो रही है. उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत कार्ड का भुगतान भी समय पर नहीं हो रहा है. साथ ही झारखंड में क्लिनिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की. उन्होंने यह भी कहा कि धान क्रय की ट्रांसपोर्टिंग सही तरीके से नहीं हो रही है.

निजी अस्पतालों पर भी सवाल

विधायक जर्नादन पासवान ने कहा कि निजी अस्पतालों में मरीज के अंदर जाते ही बिलिंग शुरू हो जाती है. मरीज के साथ एक अटेंडेंट को भी अंदर जाने की अनुमति मिलनी चाहिए. कई बार मरीज की मौत के बाद भी दो-तीन दिन तक शव अस्पताल में रख लिया जाता है. उन्होंने कहा कि जिला अस्पतालों में संसाधनों की कमी है और वहां डायलिसिस की सुविधा भी होनी चाहिए.

किसानों और राशन योजना पर चर्चा

विधायक लुईस मरांडी ने कहा कि किसानों के हित में बोनस दिया जा रहा है और इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा प्रतिमाह एक किलो चना दाल और एक किलो नमक देने के लिए 720 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. उन्होंने कहा कि 108 एंबुलेंस मरीजों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाती है. साथ ही कहा कि आदिवासियों के लिए ‘अबुआ’ सिर्फ एक शब्द नहीं बल्कि अपनापन का एहसास है.

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