रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र में विधायकों की अनुशंसा से कोल्ड स्टोरेज स्थापित किया जाएगा. इस बजट में महिला किसान खुशहाली योजना और दलहन व मखाना विकास पर फोकस किया गया है. फसल विविधीकरण पर जोर दिया गया है। वन उपज को बढ़ावा दिया गया है.
मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में 2013 से लेकर अब तक प्रति वर्ष लगभग तीन लाख मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हो रहा है. दुग्ध उत्पादन में भी वृद्धि हुई है. वर्तमान में प्रतिदिन तीन लाख लीटर दुग्ध उत्पादन हो रहा है. ‘झार एग’ के जरिए अंडा उत्पादन में काम हो रहा है. बेकन फैक्ट्री को फिर से चालू करने के लिए एमओयू किया गया है.

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खरीफ में 13 लाख किसानों का बीमा कवर किया गया
कृषि मंत्री ने कहा कि खरीफ फसल में 13 लाख किसानों का फसल बीमा कवर किया गया है. रबी में दो लाख किसानों का फसल बीमा कवर किया गया है. पांच लाख से अधिक किसानों को केसीसी लोन स्वीकृत किया गया है. राज्य दलहन उत्पादन में राष्ट्रीय औसत से आगे है. मूल्य संवर्धन पर जोर दिया जा रहा है. मिलेट योजना के तहत 21,800 किसानों को लगभग 10 करोड़ रुपये दिए गए हैं.
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मार्च तक 80 से 90 फीसदी राशि हो जाएगी खर्च
मंत्री ने कहा कि मार्च के अंत तक कृषि विभाग की 80 से 90 फीसदी राशि खर्च हो जाएगी. राज्य योजना मद से 65 फीसदी और केंद्र योजना मद की 67 फीसदी राशि खर्च की जा रही है. देशी मांगुर को राजकीय मछली घोषित किया गया है. केंद्र सरकार ने एमएसपी के रिकमेंडेशन को रद्द कर दिया है. वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में किसानों की आय की सुरक्षा के प्रावधान किए गए हैं. उत्पादन प्रणाली को मजबूत किया जाएगा. आर्थिक असमानता को दूर किया जाएगा. महिला किसानों का सशक्तिकरण किया जाएगा.
