Ranchi/Chaibasa: चाईबासा सदर अस्पताल में मानवता को शर्मसार करने वाले मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. ब्लड बैंक से पांच मासूम बच्चों को संक्रमित खून चढ़ाने के आरोपी लैब टेक्नीशियन मनोज कुमार को पुलिस ने रांची से गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से फरार चल रहा था.
हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद कार्रवाई:
यह गिरफ्तारी झारखंड हाईकोर्ट द्वारा जारी किए गए गिरफ्तारी वारंट के बाद हुई है. कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन को फटकार लगाई थी, जिसके बाद विशेष टीम गठित कर आरोपी की तलाश तेज की गई.आखिरकार, गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे राजधानी रांची से धर दबोचा.
क्या है पूरा मामला?
यह हृदयविदारक घटना चाईबासा सदर अस्पताल के ब्लड बैंक से जुड़ी है, जहां लापरवाही की सारी हदें पार कर दी गई थीं.थैलेसीमिया और अन्य बीमारियों से पीड़ित पांच मासूम बच्चों को ब्लड बैंक से ऐसा खून चढ़ा दिया गया, जो पहले से संक्रमित था. इस लापरवाही के कारण मासूम बच्चों का जीवन दांव पर लग गया और उनके भविष्य पर गंभीर संकट खड़ा हो गया. घटना के बाद पीड़ित परिवारों ने न्याय की गुहार लगाई थी. शुरुआत में सुस्ती दिखाने के बाद, झारखंड हाईकोर्ट के हस्तक्षेप और कड़े आदेश पर पुलिस ने आरोपी लैब टेक्नीशियन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी.
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फरार चल रहा था आरोपी:
मामला दर्ज होने के बाद से ही लैब टेक्नीशियन मनोज कुमार अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था. पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं. हाईकोर्ट ने जब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और वारंट जारी किया, तब जाकर पुलिस ने उसे रांची के एक गुप्त ठिकाने से गिरफ्तार किया.
