चाईबासा: सर्पदंश से बचाव को लेकर DC की अपील, झाड़-फूंक छोड़ समय पर अस्पताल पहुंचें

Chaibasa: 15 जुलाई. बरसात के मौसम में पश्चिमी सिंहभूम जिले में सर्पदंश की बढ़ती आशंका को देखते हुए जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार...

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सर्पदंश से बचाव को लेकर उपायुक्त की अपील

Chaibasa: 15 जुलाई. बरसात के मौसम में पश्चिमी सिंहभूम जिले में सर्पदंश की बढ़ती आशंका को देखते हुए जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार ने जिलेवासियों से सतर्क और जागरूक रहने की अपील की है. उन्होंने कहा कि थोड़ी-सी सावधानी और समय पर चिकित्सकीय उपचार से सर्पदंश के अधिकांश मामलों में लोगों की जान बचाई जा सकती है.

जमीन पर सोने से बचें, मच्छरदानी और साफ-सफाई रखें

उपायुक्त ने लोगों से अपील की कि वे यथासंभव जमीन पर सोने से बचें और पलंग या चारपाई का उपयोग करें. रात में सोते समय नियमित रूप से मच्छरदानी का इस्तेमाल करें. उन्होंने घर और आसपास के क्षेत्रों को साफ-सुथरा रखने, झाड़ियों एवं कूड़ा-कचरा जमा नहीं होने देने की सलाह दी, ताकि सांपों के छिपने की संभावना कम हो सके.

खेत और जंगल जाने के दौरान बरतें सावधानी

उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में खेतों, जंगलों और खुले स्थानों पर जाते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. नंगे पैर बाहर जाने से बचें और मजबूत जूते या चप्पल का इस्तेमाल करें. रात के समय टॉर्च और जरूरत पड़ने पर लाठी साथ रखने की भी सलाह दी. उन्होंने कहा कि सांप दिखने पर घबराएं नहीं और उसे पकड़ने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग की रेस्क्यू टीम को सूचना दें.

झाड़-फूंक में समय बर्बाद न करें, तुरंत कराएं इलाज

उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक, अंधविश्वास या घरेलू उपचार में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए. पीड़ित को तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना चाहिए. उन्होंने बताया कि जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी स्नेक वेनम (ASV) सहित आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं उपलब्ध हैं और प्रशिक्षित चिकित्सकों द्वारा मरीजों का उपचार किया जा रहा है.

समय पर उपचार ही बचा सकता है जान

उपायुक्त ने कहा कि सर्पदंश के मामलों में समय पर इलाज ही जीवन बचाने की सबसे बड़ी कुंजी है. उपचार में देरी होने पर खतरा बढ़ सकता है, जबकि समय पर अस्पताल पहुंचने से अधिकांश मरीजों का सफल इलाज संभव है. उन्होंने नागरिकों से सर्पदंश से बचाव और वैज्ञानिक उपचार की सही जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की.

जनजागरूकता से रोकी जा सकती है सर्पदंश से होने वाली मौतें

उपायुक्त ने कहा कि सामूहिक जागरूकता, सतर्कता और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होने से सर्पदंश से होने वाली जनहानि को काफी हद तक रोका जा सकता है. उन्होंने जिलेवासियों से जिला प्रशासन के जनजागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया.

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