चाईबासा: सहायकों-लिपिकों की कार्यकुशलता बढ़ाने को जिला प्रशासन की पहल, 63 उत्कृष्ट कर्मी सम्मानित

Chaibasa : पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन की ओर से सहायकों और लिपिकों की कार्य दक्षता, प्रशासनिक समझ और कार्यालयीन कार्यप्रणाली को सुदृढ़...

DC मनीष कुमार

Chaibasa : पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन की ओर से सहायकों और लिपिकों की कार्य दक्षता, प्रशासनिक समझ और कार्यालयीन कार्यप्रणाली को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से रविवार को कोल्हान विश्वविद्यालय परिसर स्थित ऑडिटोरियम में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला सह स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता DC सह जिला दंडाधिकारी मनीष कुमार ने की. इस दौरान उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, प्रशिक्षु IAS ईरा जोरवाल समेत कई जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे.

कार्मिकों को प्रशासनिक प्रशिक्षण के साथ मिला स्वास्थ्य जांच और योग परामर्श

कार्यशाला में लगभग 300 सहायकों और लिपिकों को कार्यालयीन कार्यों, ई-ऑफिस, फाइल निष्पादन, RTI, वित्तीय नियम, सेवा पुस्तिका संधारण, आरक्षण रोस्टर, अभिलेख प्रबंधन और कार्यालयीन अनुशासन सहित विभिन्न प्रशासनिक विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण कार्मिक उप सचिव संजय रजक, सहायक राज्य कर पदाधिकारी संतोष कुमार, सेवानिवृत्त प्रशासी पदाधिकारी शशि मिश्रा तथा सहायक प्रशासी पदाधिकारी वीरेंद्र यादव ने प्रदान किया. प्रशिक्षण के साथ कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया, जिसमें नेत्र परीक्षण, मधुमेह, रक्तचाप, टीबी स्क्रीनिंग सहित अन्य स्वास्थ्य जांच की गई. आयुष विभाग ने प्राकृतिक चिकित्सा, योग और स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित परामर्श भी उपलब्ध कराया.

प्रशिक्षण से मजबूत होगी प्रशासनिक व्यवस्था : DC मनीष कुमार

DC मनीष कुमार ने कहा कि सहायक और लिपिक प्रशासन की रीढ़ हैं. उन्होंने कहा कि समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन के लिए कर्मचारियों का प्रशिक्षित और अद्यतन होना जरूरी है. उन्होंने कर्मचारियों से प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को दैनिक कार्यों में लागू कर लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने की अपील की. वहीं उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यकुशलता बढ़ाने और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

300 कर्मियों को प्रमाण-पत्र

कार्यक्रम के समापन पर विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 63 लिपिकों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया. साथ ही लगभग 300 सहायकों और लिपिकों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र और सांकेतिक रूप से पांच कर्मियों को परिचय-पत्र प्रदान किए गए. इस अवसर पर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया. जिला प्रशासन की ओर से प्रतिभागियों को स्मृति स्वरूप विशेष टी-शर्ट भी प्रदान की गई.

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