Chaibasa: पोड़ाहाट वन प्रमंडल, चाईबासा की ओर से बंदगांव प्रखंड के जोमरो गांव में वन महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मनोहरपुर विधायक जगत मांझी, विशिष्ट अतिथि विधायक प्रतिनिधि मिथुन गागराई, प्रखंड प्रमुख पीटर घनश्याम तियु एवं मुखिया सुखमती जोंकों उपस्थित रहे. अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. कार्यक्रम के दौरान विधायक जगत मांझी ने ग्रामीणों के बीच विभिन्न परिसंपत्तियों का वितरण किया. करीब 50 उन्नत चूल्हे, छाता, टॉर्च, बरसाती एवं सुरक्षा जूते सहित अन्य सामग्री ग्रामीणों को दी गई. वहीं वृद्ध एवं बुजुर्गों के बीच भी छाते का वितरण किया गया. हाथी के हमले में मृत एवं घायल लोगों के परिजनों को करीब तीन लाख रुपये की मुआवजा राशि भी प्रदान की गई.

जंगल रोजगार नहीं, जीवन का आधार है : जगत मांझी
मनोहरपुर विधायक जगत मांझी ने कहा कि जंगल केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि जीवन जीने का आधार है. जंगल और पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि वन क्षेत्र में रहने वाले लोगों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत है, ताकि वे जंगल पर निर्भर रहते हुए भी उसका संरक्षण कर सकें. उन्होंने महुआ, इमली, चिरौंजी एवं विभिन्न जड़ी-बूटियों जैसे वन उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि इन वन उत्पादों का उचित मूल्य और बाजार उपलब्ध कराया जाए तो ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और जंगल भी सुरक्षित रहेंगे.

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वन संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी : डीएफओ नीतीश कुमार
पोड़ाहाट वन प्रमंडल, चाईबासा के वन प्रमंडल पदाधिकारी नीतीश कुमार ने वन वर्धन एवं वन संरक्षण को लेकर अपने अनुभव ग्रामीणों के साथ साझा किए. उन्होंने कहा कि जंगल सिर्फ पेड़-पौधों का समूह नहीं, बल्कि पर्यावरण, जलस्रोत और ग्रामीण जीवन का आधार है. वन संरक्षण में ग्रामीणों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है. उन्होंने ग्रामीणों से जंगलों को आग, अवैध कटाई और अन्य नुकसान से बचाने तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की.

वन संरक्षण में ग्रामीणों की भागीदारी जरूरी : मिथुन गागराई
विधायक प्रतिनिधि मिथुन गागराई ने कहा कि वन क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों और जंगल का संबंध सदियों पुराना है. इसलिए वन संरक्षण की जिम्मेदारी केवल वन विभाग की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की है. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को वन आधारित रोजगार से जोड़ते हुए वन उत्पादों के संरक्षण एवं उचित उपयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए. कार्यक्रम में ग्रामीणों ने जंगल और पर्यावरण को बचाने का सामूहिक संकल्प लिया।.उच्च विद्यालय ओटार के विद्यार्थियों ने पर्यावरण एवं जंगल संरक्षण पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया. कार्यक्रम में शामिल बच्चों को कंपास बॉक्स, बैग, पेंसिल, कलर सहित अन्य सामग्री देकर सम्मानित किया गया. मौके पर मानकी गेब्रियल बोदरा, पंचायत समिति सदस्य गोंडो राम दिग्गी, शिवशंकर महतो, सुनील लागुरी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, वन विभाग के कर्मी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.

