Chaibasa: भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र की ओर से मंगलवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव प्रखंड के हुड़गदा पंचायत स्थित भारंडिया गांव में किसान खेत पाठशाला प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन कार्यालय प्रभारी सह सहायक निदेशक अशोक कुमार एच.पी. और वनस्पति संरक्षण अधिकारी सुनीता रंजनी लकड़ा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.

35 किसानों को 14 सप्ताह तक मिलेगा प्रशिक्षण
कार्यक्रम का संचालन सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी प्यारी संगा ने किया. इस दौरान किसानों को प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्य और एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन के महत्व की जानकारी दी गई. कार्यक्रम के तहत क्षेत्र के 35 किसानों को लगातार 14 सप्ताह तक विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा.
कीट और रोगों से फसल बचाने की दी जाएगी जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन के विभिन्न सिद्धांतों और आधुनिक तकनीकों की विस्तार से जानकारी दी जाएगी. किसानों को व्यवहारिक, यांत्रिक, जैविक और रासायनिक तकनीकों के माध्यम से फसलों को कीट एवं रोगों से सुरक्षित रखने के उपाय बताए जाएंगे.
कीटनाशकों के सुरक्षित इस्तेमाल पर जोर
प्रशिक्षण में कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी भी दी जाएगी. किसानों को कीटनाशकों के संतुलित और सुरक्षित उपयोग के साथ पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा के उपायों के बारे में बताया जाएगा.
खेती की लागत कम करने पर फोकस
कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर फसल उत्पादन बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और पर्यावरण-अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा.
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में हुड़गदा पंचायत की मुखिया लक्ष्मी गागराई, बंदगांव प्रखंड की सहायक तकनीकी प्रबंधक अश्विनी होरो, ग्राम कृषक मित्र, प्रगतिशील किसान और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.
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