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चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं हुईं प्रभावित, लंबित भुगतान व वेतन वृद्धि की मांग
Chaibasa: चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल में कार्यरत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा स्वास्थ्य कर्मी एवं सहियाओं ने लंबित मानदेय, बकाया भुगतान, वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए. हड़ताल पर गए स्वास्थ्य कर्मियों ने अस्पताल परिसर में धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की तथा सरकार और विभागीय अधिकारियों से शीघ्र समाधान की मांग की. हड़ताल के कारण अनुमंडल अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं. विभाग द्वारा संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी असर पड़ रहा है. हड़ताली कर्मियों का आरोप है कि उन्हें पिछले छह महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है, जिसके कारण उनके समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है. जानकारी के अनुसार, अनुमंडल अस्पताल में कार्यरत करीब 103 एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मियों को पिछले छह माह से वेतन नहीं मिला है. इनमें एएनएम, लैब टेक्नीशियन, कंप्यूटर ऑपरेटर, चिकित्सक सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं. कर्मियों का कहना है कि लगातार सेवाएं देने के बावजूद समय पर भुगतान नहीं होने से उनके परिवारों के समक्ष आजीविका का संकट खड़ा हो गया है.
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स्वास्थ्य कर्मियों ने दी चेतावनी
हड़ताल पर बैठे स्वास्थ्य कर्मियों ने अस्पताल परिसर में धरना देकर सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा. कर्मियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
भाजपा नेताओं ने दिया समर्थन
स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल को भारतीय जनता पार्टी का भी समर्थन मिला. पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के नेतृत्व में भाजपा नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल अस्पताल पहुंचा और हड़ताली कर्मियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं. इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष गुरुचरण नायक, मालती गिलुवा, डॉ विजय सिंह गागराई सहित अन्य नेता भी उपस्थित थे. पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और भाजपा उनके साथ खड़ी है. उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य कर्मियों को काम करने के बाद भी महीनों तक वेतन के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, तो यह राज्य के लिए दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है. उन्होंने आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य कर्मियों की मांगों को लेकर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई की मांग की जाएगी. साथ ही जहां भी सहयोग की आवश्यकता होगी, वहां भाजपा उनके समर्थन में खड़ी रहेगी.
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